पंजाब कांग्रेस के नेताओं से राहुल गांधी ने की मीटिंग।
पंजाब कांग्रेस के सीनियर नेता व सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किए जाने संबंधी एक फर्जी लैटर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसके बाद सांसद ने स्वयं अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि यह पत्र पूरी तर
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फर्जी/झूठे पत्र तैयार करने के मामले की शिकायत पंजाब पुलिस के डीजीपी को की है। साथ ही झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। केवल मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश
रंधावा का कहना है कि आज मैंने पंजाब के डीजीपी को पत्र लिखकर सोशल मीडिया पर मेरे संबंध में फर्जी एआईसीसी (AICC) पत्र और झूठी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज करने तथा सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। यह केवल मेरी छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि जनता और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गुमराह करने की एक सुनियोजित कोशिश है। मैंने मामले की गहन साइबर जांच कराने और इसमें शामिल सभी लोगों की पहचान कर उन्हें कानून के दायरे में लाने का अनुरोध किया है। लोकतंत्र में फर्जी दस्तावेजों, झूठे प्रचार और भ्रामक सूचनाओं के लिए कोई स्थान नहीं हो सकता। मीटिंग के बाद जारी हुआ था पत्र
यह पत्र उस समय वायरल हुआ, जब कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेताओं की दिल्ली में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक हुई। बैठक के बाद पार्टी में बदलाव की अटकलें लगाई जा रही थीं। दिल्ली में हुई बैठक के बाद प्रताप सिंह बाजवा ने कहा था कि पार्टी हाईकमान जो भी जिम्मेदारी सौंपेगा, उसे वे निभाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरी कांग्रेस एकजुट है।
बाजवा ने कहा, “मैं सिर्फ एक बात कहना चाहता हूं। 2024 में कांग्रेस ने 14 में से 8 लोकसभा सीटें जीती थीं, जिनमें एक सीट चंडीगढ़ और सात सीटें पंजाब की थीं। जब हम मध्यावधि में 8 लोकसभा सीटें जीत सकते हैं, तो अब क्यों नहीं जीत सकते? भगवान हम पर कृपा करें। मेरी राय में कांग्रेस 70 से 80 सीटें हासिल करेगी।” इससे पहले कांग्रेस हाईकमान द्वारा नियुक्त ऑब्जर्वर अपनी रिपोर्ट पार्टी नेतृत्व को सौंप चुके हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अब पार्टी की ओर से नेताओं की भूमिकाएं तय की जा सकती हैं।

सांसद की तरफ से अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर की गई जानकारी।
गुटबाजी पार्टी के लिए मुसीबत
कांग्रेस हाईकमान में काफी समय से गुटबाजी और परिवर्तन की आवाज उठ रही थी। ऐसे में पार्टी ने 3 ऑब्जर्वर तैनात किए थे, जिन्होंने दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष से लेकर सभी सांसदों तक से राय ली है। इसके बाद अब यह मीटिंग हुई। इसमें 5 टॉप नेता अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, सीएलपी नेता प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, विजयइंदर सिंगला और चरणजीत सिंह चन्नी समेत बड़े नेता मौजूद रहे।

राहुल गांधी पंजाब दौरे के दौरान गुरुद्वारा साहिब में माथा टेकते हुए। फाइल फोलो
रैली में टीम प्लेयर बनने की नसीहत दी
पंजाब को लेकर राहुल गांधी बहुत गंभीर हैं। अब तक 4 मीटिंग वह कर चुके हैं। पहले 30 मई को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर एक बड़ी बैठक बुलाई गई थी, जिसमें राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल भी मौजूद थे। इस बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव (2027) की रणनीति पर चर्चा की गई थी। हालांकि, वह मीडिया से रूबरू नहीं हुए।
1 मई 2026 को राहुल गांधी ने पंजाब, जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के जिला अध्यक्षों के साथ एक विशेष संवाद बैठक की थी। इसमें उन्होंने नेताओं को वीआईपी कल्चर छोड़ने और जमीनी स्तर पर संगठन मजबूत करने की नसीहत दी थी।
28 फरवरी को राहुल गांधी पंजाब के बरनाला पहुंचे थे। यहां उन्होंने मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ मिलकर पंजाब कांग्रेस के नेताओं को आपसी कलह खत्म करने और आगामी चुनावों के लिए एकजुट होकर ‘टीम प्लेयर’ की तरह काम करने का सख्त संदेश दिया था।
22 जनवरी को कांग्रेस हाईकमान (मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और केसी वेणुगोपाल) ने नई दिल्ली में पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की थी।







