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Punjab Congress Drama: Channi Faction Notice


अपने गुट से मीटिंग करते चन्नी। मीडिया से बात करते प्रधान राजा वड़िंग, प्रभारी भूपेश बघेल और विधायक दल नेता प्रताप बाजवा।

पंजाब कांग्रेस में चुनाव से 8 महीने पहले नेताओं में कलह तेज हो गई है। पूर्व CM व जालंधर सांसद मौजूदा प्रधान राजा वड़िंग की बयानबाजियों का डोजियर लेकर दिल्ली पहुंच गए हैं। वहां वे सांसद सुखजिंदर रंधावा, प्रगट सिंह समेत अन्य नेताओं के साथ कांग्रेस हाईकम

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वहीं राजा वड़िंग ने भी तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर चन्नी की मीटिंग को वह यूनिटी ऑफ स्ट्रेंथ (एकता की ताकत) बता रहे और उनके समर्थकों पर एक्शन भी शुरू कर दिया है। पंजाब कांग्रेस अनुशासनिक कमेटी के चेयरमैन व जालंधर नॉर्थ से MLA बावा हैनरी ने पूर्व MLA मदनलाल जलालपुर को नोटिस निकालकर 3 दिन में जवाबतलबी कर ली है।

वहीं कांग्रेस इंचार्ज व छत्तीसगढ़ के पूर्व CM भूपेश बघेल ने भी पंजाब में डेरा डाल लिया है। वह 5 दिन यहां रहेंगे। सोमवार को उन्होंने चंडीगढ़ पहुंचकर पहले कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा से मुलाकात की। इसके बाद राजा वड़िंग के साथ मीटिंग करने के लिए पहुंचे।

इस मामले में अब तक क्या-क्या हुआ:-

  • 1 जुलाई- वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रही: कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब के नेताओं से वन टु वन मीटिंग और अजय मकान-मीनाक्षी नटराजन की कमेटी रिपोर्ट के बाद चुनाव के लिए नेताओं को जिम्मेदारी सौंपी। जिसमें अमरिंदर राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रखी। चरणजीत चन्नी को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन बनाया। इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरपर्सन विजय इंदर सिंगला को लगाया गया है। कोर कमेटी का चेयरपर्सन सुखजिंदर सिंह रंधावा और मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरपर्सन डॉ. अमर सिंह को लगाया।
  • 3 जुलाई, चन्नी ने मोरिंडा में अपने समर्थकों से मीटिंग की: राजा वड़िंग की प्रधानगी बरकरार रखे जाने से चरणजीत चन्नी नाराज हो गए। उन्होंने 2 जुलाई को पूरा दिन हाईकमान का धन्यवाद नहीं किया और 3 जुलाई को मोरिंडा में अपने घर समर्थकों से मीटिंग की। जिसके बाद साफ कर दिया कि उन्हें राजा वड़िंग प्रधान के तौर पर मंजूर नहीं। इसी दौरान अचानक गुरदासपुर सांसद सुखजिंदर रंधावा ने भी दिल्ली जाकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
  • 4 जुलाई, चन्नी को दिल्ली से कॉल, वड़िंग ताकत दिखाने लगे: चन्नी के तेवर देख हाईकमान एक्टिव हुआ। उन्हें दिल्ली से कॉल कर कहा गया कि अभी कोई बड़ा फैसला मत लेना। 7 जुलाई को राहुल गांधी दिल्ली से आ रहे, उनसे मीटिंग कराई जाएगी। वहीं चन्नी का शक्ति प्रदर्शन देख राजा वड़िंग भी हरकत में आए। उन्होंने एक-एक कर नेताओं के घर जाना शुरू कर दिया। इसकी शुरूआत उन्होंने चन्नी के विरोधी पूर्व सांसद शमशेर दूलो के घर से की। फिर सोनिया गांधी व राहुल गांधी के करीबी माने जाते राणा केपी से मिले।
  • 5 जुलाई, नवजोत सिद्धू गुट की भी एंट्री हुई: इस कलह में पूर्व कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू गुट की एंट्री हुई। सिद्धू के सलाहकार रहे व पूर्व कांग्रेसी मंत्री रजिया सुल्ताना के पति पूर्व DGP मुहम्मद मुस्तफा ने हाईकमान को ओपन लेटर लिखा। जिसमें राजा वड़िंग का इस्तीफा मांगते हुए कहा कि सरकार के खिलाफ मजबूती से बोलने वाले नेता को कमान सौंपी जाए। इसे नवजोत सिद्धू के नाम का इशारा माना गया।
  • 6 जुलाई, चन्नी की फिर मीटिंग, प्रभारी की मीटिंग का बायकॉट, दिल्ली पहुंचे: चन्नी ने फिर मोहाली में समर्थकों से मीटिंग की। यहां सांसद सुखजिंदर रंधावा और MLA प्रगट सिंह भी पहुंचे। यहां तय हुआ कि राजा वड़िंग की बयानबाजियों से हुए राजनीतिक नुकसान के बारे में हाईकमान को बताएं। पूरी रिपोर्ट बना चन्नी गुट दिल्ली चला गया। पार्टी प्रभारी भूपेश बघेल की मीटिंग का भी बायकॉट कर दिया गया। बघेल चंडीगढ़ आए और प्रताप सिंह बाजवा, राजा वड़िंग व विजय इंदर सिंगला से मिले।

गुटबाजी को लेकर किसने क्या कहा:-

  • सांसद व पूर्व CM चरणजीत चन्नी: चन्नी ने अभी तक मीडिया से बात नहीं की। उन्होंने सोशल मीडिया पर 2 बार पोस्ट डाली। पहली बार मोरिंडा मीटिंग के बाद कहा- आज मेरे घर पर आकर कांग्रेस लीडरशिप ने पंजाब के लोगों की भावनाओं को हाईकमान तक पहुंचाने की अपील की। मोहाली मीटिंग के बाद लिखा- पिछली मीटिंगों के क्रम में, एकता में ही शक्ति।
  • सांसद सुखजिंदर रंधावा: कई दौर की बैठकों, लंबी मशक्कत और नेताओं से अलग-अलग बातचीत के बावजूद आखिर वही फैसला लागू किया गया, जो चार महीने पहले तय हो चुका था। ऐसे में पूरी कवायद का कोई औचित्य नहीं था। उन्होंने कहा कि अगर यही निर्णय लेना था तो हाईकमान को पहले दिन ही साफ शब्दों में एक लाइन का आदेश जारी कर देना चाहिए था कि यही अंतिम फैसला है, जिसे मंजूर हो वह पार्टी में रहे और जिसे मंजूर न हो, वह अपना रास्ता चुन सकता है।
  • सांसद व प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग: चन्नी साहब हमारे बड़े भाई हैं। पंजाब कांग्रेस में कोई गुटबाजी नहीं है। वड़िंग ने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता जल्द एक मंच पर दिखाई देंगे और 2027 का चुनाव मिलकर लड़ेंगे। मुख्यमंत्री का चेहरा कोई भी हो सकता है। मैं इस दौड़ में नहीं हूं। हमारा लक्ष्य कांग्रेस को सत्ता में वापस लाना है। वड़िंग ने ये भी कहा कि चन्नी या किसी वरिष्ठ नेता ने पार्टी विरोधी काम नहीं किया है, लेकिन जो नेता सार्वजनिक रूप से पार्टी के खिलाफ बयान देंगे या अनुशासनहीनता करेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
  • CLP लीडर प्रताप सिंह बाजवा: बाजवा ने कहा- हाल ही में पार्टी स्तर पर जो फैसले लिए गए हैं, उनमें कुछ मेजर प्रॉब्लम्स हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन कमियों को बहुत जल्द दूर कर लिया जाएगा। बाजवा ने ज्यादा कुछ कहने से ये कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि यह उनकी अथॉरिटी नहीं है।
  • पंजाब इंचार्ज भूपेश बघेल: मैं अभी यहां आया हूं। एक-दो दिन में पार्टी के सभी पक्षों और नेताओं से विस्तार से बात की जाएगी। जिसकी जो भी समस्या या शिकायत होगी, उस पर हाईकमान और पार्टी पूरी गंभीरता से विचार करेगी।

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