पानीपत18 मिनट पहले
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AI जनरेटेड फोटो।
पानीपत जिले के गांव उरलाना खुर्द के रहने वाले एक मेहनत-मजदूरी करने वाले युवक को सुनहरे भविष्य और विदेश जाने का सपना देखना बेहद भारी पड़ गया। पीड़ित सुखदेव ने करनाल रेंज के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) को एक लिखित शिकायत सौंपकर कैथल के रहने वाले एक एजेंट के खिलाफ ₹8 लाख से अधिक की धोखाधड़ी करने और पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी देने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, सुखदेव की मुलाकात उनके ही गांव के संदीप के माध्यम से कैथल के गांव बरसाना निवासी सुनील से हुई थी, जो फिलहाल करनाल में रह रहा है। सुनील ने सुखदेव को झांसा दिया कि वह लोगों को जर्मनी, इटली और अमेरिका जैसे देशों में भेजकर वहां अच्छी नौकरी लगवाता है, जिससे लोग वहां लाखों रुपए कमा रहे हैं। सुनील ने सुखदेव को ₹9 लाख के कुल खर्चे में इटली भेजने और वहां अच्छा काम दिलवाने का भरोसा दिया, जिसके बाद सुखदेव उसकी बातों में आ गया।

ADGP के आदेशों पर मतलौडा थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
किश्तों में ऐंठे लाखो रुपये, बैंक और नकद के जरिए हुआ लेनदेन
आरोपी सुनील ने वीजा लगवाने के नाम पर अलग-अलग तारीखों में सुखदेव से पैसे ऐंठने शुरू किए।
- 18 सितंबर 2024: सुखदेव ने अपने PNB खाते से गूगल पे के माध्यम से सुनील को ₹10,000 ट्रांसफर किए।
- 22 सितंबर 2024: करनाल की अनाज मंडी में ATM से निकालकर ₹1,50,000 नकद सुनील को दिए।
- अक्टूबर-नवंबर 2024: सुखदेव ने अपने पीएनबी और HDFC खातों से क्रमशः ₹40,000 और ₹44,000 गूगल पे के जरिए सुनील को भेजे। इसके अलावा, करनाल में ₹51,000 नकद दिए और संदीप नाम के व्यक्ति के खाते में ₹10,300 व ₹44,000 पेटीएम के जरिए डाले।
इटली के बजाय आर्मेनिया भेजा, पिता ने ब्याज पर लेकर दिए ₹3 लाख
15 नवंबर 2024 को आरोपी सुनील ने सुखदेव को जयपुर से हवाई जहाज के जरिए आर्मेनिया में अपने दोस्त विक्की के पास भेज दिया। उसी दिन सुखदेव ने गूगल पे से ₹47,000 और ट्रांसफर किए। आर्मेनिया में करीब एक महीना बीतने के बाद जब सुखदेव ने इटली जाने की बात कही, तो सुनील ने वॉट्सऐप पर एक वीजा भेजा और कहा कि 10 दिन में इटली की फ्लाइट है, बाकी के पैसे दे दो।
बेटे को इटली भेजने के लिए सुखदेव के पिता जोगिन्द्र ने पानीपत के जीतगढ़ निवासी सत्यवान से ₹3 लाख ब्याज पर उधार लिए और 10 दिसंबर 2024 को यह रकम सुनील को उसके घर पर नकद सौंप दी। इसके बाद भी जनवरी 2025 में सुनील के कहने पर आर्मेनिया से ही स्कैनर के माध्यम से ₹62,000, ₹5,000 और ₹10,000 अलग-अलग खातों में डलवाए गए।
आर्मेनिया में खुला फर्जी वीजा का राज, ₹35,000 देकर लौटे भारत
पैसे पूरे होने के बाद जब सुखदेव ने सुनील को फोन किया, तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। परेशान होकर सुखदेव ने जब आर्मेनिया में सुनील के दोस्त विक्की को यह बात बताई, तो विक्की ने मोबाइल पर सुनील से बात की और सुखदेव के सामने सच का खुलासा करते हुए कहा, तुम्हारा इटली का कोई वीजा नहीं लगा है, जो वीजा तुम्हारे पास भेजा गया है वह पूरी तरह नकली और फर्जी है।
ठगी का अहसास होने पर सुखदेव बेबस हो गया। विक्की ने उससे ₹35,000 नकद लिए और 21 फरवरी 2025 को उसकी भारत वापसी की टिकट करवाई, जिसके बाद पीड़ित वापस अपने गांव उरलाना खुर्द पहुंचा।
पैसे वापस मांगने पर दी जान से मारने की धमकी
भारत लौटने के बाद सुखदेव ने जब करनाल जाकर सुनील से अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने दबाव में आकर फोन पे के माध्यम से 27 फरवरी 2026 को ₹70,000 और 5 मार्च 2026 को ₹21,000 (कुल ₹91,000) वापस किए। लेकिन इसके बाद बची हुई रकम देने से साफ मना कर दिया और धमकी देते हुए कहा कि यदि पुलिस में कोई शिकायत की तो वह उसे जान से मरवा देगा।








