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NRI दोस्त को बनाया शिकार, बंधक बनाकर लूटे 22 लाख:मोगा के युवक को कनाडा बुलाने का झांसा देकर जाल में फंसाया, बचपन की दोस्ती के चलते किया भरोसा




मोगा जिले के अंतर्गत आते गांव कपूरे में दोस्ती को शर्मसार करने और वर्क परमिट के नाम पर 22 लाख रुपये की बड़ी ठगी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कनाडा में रह रहे एक युवक ने अपने दोस्त को विदेश बुलाने का झांसा देकर न सिर्फ लाखों रुपये हड़प लिए, बल्कि अपने गुर्गों के जरिए उसे कोलकाता ले जाकर बंधक बना लिया इतना ही नहीं आरोपी ने नशीली दवा देकर परिजनों से कनाडा पहुंचने का झूठा फोन भी करवा दिया। जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) मोगा के आदेश पर गहन जांच के बाद थाना मैहना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना मैहना के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरसेवक सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पीड़ित युवक के पिता गुरिन्द्र सिंह (निवासी गांव कपूरे) द्वारा दी गई लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। गली की दोस्ती का फायदा उठाकर बुना ठगी का जाल पुलिस को दी शिकायत में पिता गुरिन्द्र सिंह ने बताया कि बेटे प्रभजोत सिंह का दोस्त अमनदीप सिंह साल 2007-08 में परिवार के साथ कनाडा शिफ्ट हो गया था। दोनों एक ही गली में रहते थे और उनमें गहरी दोस्ती थी। इसी का फायदा उठाकर कनाडा से अमनदीप ने प्रभजोत को फोन कर वर्क परमिट पर कनाडा बुलाने का लालच दिया। उसने पूरे काम का खर्च 22 लाख रुपये बताया। अमनदीप पर भरोसा करके पीड़ित परिवार ने पहली किस्त के रूप में 2 लाख रुपये भारत में मौजूद उसके साथियों को सौंप दिए। दिल्ली एयरपोर्ट बुलाया, फिर फ्लाइट से कोलकाता ले जाकर किया नजरबंद कुछ समय बाद आरोपी अमनदीप ने फोन पर बताया कि प्रभजोत का वर्क परमिट आ गया है और वह बाकी के 20 लाख रुपये का इंतजाम रखे। योजना के मुताबिक, आरोपी ने पीड़ित परिवार को प्रभजोत के साथ दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने को कहा, जहां उसे दो अज्ञात व्यक्ति मिले। वे व्यक्ति प्रभजोत को दिल्ली से फ्लाइट के जरिए सीधे कोलकाता ले गए। कोलकाता में प्रभजोत को पहले एक होटल और बाद में एक सुनसान घर में नजरबंद (बंधक) कर दिया गया नशीली दवा देकर माता-पिता को कहलवाया— “मैं कनाडा पहुंच गया हूं” शिकायतकर्ता गुरिन्द्र सिंह ने बताया कि कोलकाता में उनके बेटे को जबरन कोई नशीली दवा पिलाई गई और डरा-धमकाकर घर पर फोन करवाया गया कि ‘मैं कनाडा पहुंच गया हूं’। इसके तुरंत बाद कनाडा से आरोपी अमनदीप का भी फोन आया, जिसने झूठ बोला कि वह और उसकी पत्नी कनाडा एयरपोर्ट पर खड़े हैं और उन्होंने प्रभजोत को इमीग्रेशन काउंटर पर देख लिया है। इस झांसे में आकर पीड़ित परिवार ने भारत में मौजूद आरोपी के आदमियों को 20 लाख रुपये की नकद राशि सौंप दी। 4-5 दिन बाद बेटा लौटा तो खुली पोल पैसे ऐंठने के करीब 4-5 दिन बाद प्रभजोत सिंह किसी तरह चंगुल से छूटकर वापस अपने घर मोगा लौट आया, जिसके बाद परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई। उसने जब अपनी आप बीती बताई तो परिवार और सकते में आ गया। इसके बाद पिता और परिजनों ने कनाडा में अमनदीप से संपर्क किया, तो वह टालमटोल करने लगा और पैसे वापस करने का भरोसा देता रहा। इसी बीच 13 अक्टूबर 2010 को जगराओं का एक अज्ञात व्यक्ति मोगा में नैस्ले डेयरी के गेट के पास आया और गुरिन्द्र सिंह को यह कहकर 1 लाख 9 हजार रुपये देकर चला गया कि यह पैसे अमनदीप ने भिजवाए हैं। लेकिन उसके बाद से आरोपी ने न तो कोई पैसा लौटाया और न ही बात की।अपने स्तर पर न्याय न मिलने के बाद पीड़ित परिवार ने जिला पुलिस अधीक्षक मोगा के समक्ष इंसाफ की गुहार लगाई। एसएसपी द्वारा मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा/वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी गई। कानूनी राय के बाद मामला दर्ज, गिरफ्तारी के प्रयास तेज जांच मुकम्मल होने और जिला कानूनी टीम से राय हासिल करने के बाद, कथित आरोपी अमनदीप सिंह (हाल आबाद कनाडा) के खिलाफ थाना मैहना में धोखाधड़ी, साजिश रचने और अन्य संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की कमान संभाल रहे सहायक थानेदार (ASI) अशोक कुमार ने बताया कि इस ठगी नेटवर्क में शामिल भारत में मौजूद अन्य सह-आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है।



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