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Mosque Capture Video & Apology


पानीपत15 मिनट पहले

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सनौली स्थित मज्जिद के बाहर खड़ा होकर युवक ने कब्जा लेने की बात कही।

पानीपत के सनौली में सांप्रदायिक सौहार्द और हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को बिगाड़ने की एक बेहद गंभीर साजिश का खुलासा हुआ है। यहां एक युवक ने सोशल मीडिया पर सस्ते प्रचार और लाइमलाइट (वायरल होने) के चक्कर में गांव की मस्जिद पर कब्जा लेने का एक फर्जी ड्रामा रचा और उसका वीडियो बनाकर इंटरनेट पर पोस्ट कर दिया।

वीडियो के वायरल होते ही इलाके में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और धार्मिक संगठन तुरंत हरकत में आ गए। करीब दो दिनों की कड़ी मशक्कत और तलाश के बाद युवक को ढूंढ निकाला गया, जिसके बाद समाज के सामने उसने अपनी इस घिनौनी करतूत के लिए कान पकड़कर माफी मांगी और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

मज्जिद के भीतर घुसा दीपक और कहा कि बाहर गाड़ियों में काफी लोग बैठे हैं, सभी अंदर आते ही होंगे।

मस्जिद को खाली देख अंदर घुसा और मारने लगा ललकार

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी युवक सनौली स्थित मस्जिद के पास पहुंचा था। दोपहर का समय होने के कारण मस्जिद पूरी तरह खाली थी और वहां कोई भी नमाजी या अन्य व्यक्ति मौजूद नहीं था। इसका फायदा उठाते हुए युवक ने अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग ऑन की।

वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि युवक पहले मस्जिद के बाहर खड़ा होकर कैमरे के सामने भड़काऊ अंदाज में बोलता है- जय श्री राम भाईयों, आज हम मस्जिद पर कब्जा लेने आए हैं। इसके बाद वह बेखौफ होकर मस्जिद के मुख्य परिसर के भीतर दाखिल हो जाता है। अंदर सन्नाटा देखकर वह जोर से ललकार मारता है और कहता है, कोई है क्या अंदर? आज कब्जा लेने आया हूं।” इस पूरी रिकॉर्डिंग को उसने सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

खाली मज्जिद को दिखाकर दीपक ने ललकारा मारा और पूछा कोई है क्या अंदर।

धार्मिक संगठनों ने 2 दिन में ढूंढ निकाला, युवक बोला- मुद्दा बनाने की थी नीयत

जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर फैला, सनौली गांव सहित पूरे पानीपत जिले के धार्मिक और सामाजिक संगठन अलर्ट हो गए। समाज में किसी भी तरह का दंगा या तनाव न फैले, इसके लिए युवाओं और प्रबुद्ध लोगों की टीमों ने वीडियो के आधार पर युवक की तलाश शुरू की। करीब दो दिन की सघन खोजबीन के बाद आखिरकार युवक को दबोच लिया गया।

सौधापुर गांव के दीपक से जब धार्मिक संगठनों और ग्रामीणों ने सामने बैठाकर इस तरह की शर्मनाक वीडियो बनाने का कारण पूछा, तो उसने सच उगल दिया। युवक ने कुबूल किया कि उसका मस्जिद से कोई विवाद नहीं था, बल्कि उसने केवल सोशल मीडिया पर रातों-रात वायरल होने, पब्लिसिटी पाने और एक बड़ा मुद्दा खड़ा करने की नीयत से ही यह भड़काऊ वीडियो तैयार किया था।

पकड़े जाने के बाद दीपक ने हाथ जोड़कर माफी मांगी।

गलती मानकर पैरों में गिरा, बोला- भाईचारे को खराब न करें

सच्चाई सामने आने और समाज के कड़े रुख को देखते हुए युवक के होश ठिकाने आ गए। उसने तुरंत अपनी बड़ी भूल और गलती को स्वीकार किया। युवक ने एक नया वीडियो संदेश जारी करते हुए समाज से हाथ जोड़कर अपील की, मुझसे जो भी गलती हुई है, उसके लिए मुझे माफ करें।

मेरे इस कृत्य की वजह से कोई भी हिंदू-मुस्लिम भाईचारे को खराब न करे। हमारे बीच का अमन-चैन हमेशा कायम रहना चाहिए। मैं, आइंदा इस तरह की कभी भी कोई वीडियो सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर पोस्ट नहीं करूंगा। बुजुर्गों और सामाजिक संगठनों ने युवक को दोबारा ऐसी गलती न करने की सख्त हिदायत दी है।

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