अस्पताल में भर्ती घायल कर्मचारी
मोगा के गांव सुखानंद में बिजली का कट लगाने को लेकर पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) के कर्मचारी और गांव के सरपंच के बीच विवाद हिंसक रूप ले लिया। समालसर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिजली ग्रिड पर तैनात एसएसए गुरमेल सिंह ने आरोप लगाया ह
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यह घटना उस समय हुई जब कर्मचारी विभागीय निर्देशों के तहत गांव में सवा घंटे का पावर कट लगा रहा था, जिसका ग्रामीण भीषण गर्मी के कारण विरोध कर रहे थे।
तुरंत बिजली सप्लाई देने को लेकर हुआ विवाद
गुरमेल सिंह के अनुसार, बिजली बंद होने के बाद सरपंच ने उन्हें फोन कर तुरंत सप्लाई बहाल करने का दबाव बनाया। कर्मचारी ने जब विभागीय प्रक्रिया का हवाला देते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से बात करवाने की शर्त रखी, तो आरोप है कि सरपंच अपने साथियों के साथ ग्रिड का मुख्य गेट फांदकर अंदर घुस आए।
पीड़ित कर्मचारी का दावा है कि वहां उनके साथ गाली-गलौच की गई, उनके हाथ पीछे मोड़कर धक्का-मुक्की की गई और उनके पेट में लातें भी मारी गईं। इस हमले में घायल गुरमेल सिंह को भगता भाई के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
यूनियन ने कहा- कार्रवाई नहीं हुई तो तेज होगा आंदोलन
इस घटना के बाद बिजली कर्मचारी यूनियन ने कड़ा रुख अपनाते हुए हमले की पुरजोर निंदा की है और आरोपी सरपंच के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारी के साथ इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यूनियन ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो वे विरोध प्रदर्शन तेज करेंगे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों को आधार बनाकर अगली कार्रवाई की तैयारी में है।
सरपंच बोले- विपक्ष के बहकावे में किया जा रहा बदनाम
दूसरी ओर, सरपंच सरजीत सिंह ने मारपीट और गाली-गलौच के तमाम आरोपों को पूरी तरह से नकार दिया है। सरपंच ने स्वीकार किया कि वे बिजली चालू करवाने की मांग को लेकर ग्रिड पर जरूर गए थे, लेकिन वहां किसी भी तरह की हाथापाई नहीं हुई।
सरपंच का कहना है कि बिजली कर्मचारी विपक्ष के नेताओं के बहकावे में आकर उन्हें राजनीतिक रूप से बदनाम करने की साजिश रच रहा है। उनके अनुसार, उन्होंने केवल जनता की परेशानी को देखते हुए बिजली बहाल करने का अनुरोध किया था।
