झज्जर परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम के दौरान हुए संत सुरेहती और बादली विधायक कुलदीप वत्स विवाद मामले में रविवार को ब्राह्मण समाज की अहम बैठक ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता श्री ब्राह्मण महासभा के जिला प्रधान राज देवरखाना ने की। इससे पहले हुई दोनों बैठकों में वह मौजूद नहीं थे, लेकिन इस बार उनके नेतृत्व में समाज ने पूरे मामले पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में समाज ने संत सुरेहती और विधायक कुलदीप वत्स दोनों पक्षों से बातचीत की। दोनों ने समाज के सामने अपना पक्ष रखते हुए अंतिम निर्णय समाज पर छोड़ दिया। dके प्रधान राज सिंह हरि शमशेर हरित ने बताया कि विधायक कुलदीप वत्स ने फोन पर कहा कि जो समाज कहेगा मैं सहमत हूं। मैं समाज से बड़ा नहीं हूं और समाज का हर फैसला मान्य होगा। हालांकि विधायक बैठक में उपस्थित नहीं हुए, लेकिन उन्होंने समाज के प्रतिनिधियों से फोन पर बातचीत की। वहीं संत सुरेहती ने भी समाज के निर्णय को सर्वोपरि बताते हुए कहा कि जो फैसला समाज करेगा, वह उन्हें मंजूर होगा। संत सुरेहती ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि यह कार्यक्रम मेरा व्यक्तिगत नहीं बल्कि समाज का था। घटना मेरे साथ नहीं, पूरे समाज के साथ हुई है। जिसने गलती की है, उसे समाज के सामने आकर गलती स्वीकार करनी पड़ेगी। ब्राह्मण समाज ने पहली बैठक में विधायक कुलदीप वत्स को 10 दिन का समय दिया था। उसी अवधि के बाद रविवार को दोबारा बैठक कर पूरे घटनाक्रम की समीक्षा की गई। कमेटी करेगी जांच, फिर होगा अंतिम फैसला बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि समाज की 11 या 21 सदस्यीय कमेटी गठित की जाएगी। यह कमेटी घटना स्थल पर मौजूद लोगों से अलग-अलग बातचीत करेगी, साक्ष्य जुटाएगी और सभी पक्षों के बयान लेगी। इसके बाद एक मंच पर दोनों पक्षों को बुलाकर अंतिम फैसला सुनाया जाएगा। समाज के नेताओं ने साफ कहा कि जांच के बाद जिसकी गलती सामने आएगी, उसे समाज के सामने स्वीकार करनी होगी। मारपीट के आरोपों पर पहले ही दर्ज हो चुकी है FIR गौरतलब है कि परशुराम भवन की आधारशिला कार्यक्रम के दौरान संत सुरेहती के साथ मारपीट का आरोप लगा था। इस मामले में विधायक कुलदीप वत्स पर मारपीट करवाने के आरोप लगाए गए थे और प्रकरण में FIR भी दर्ज हो चुकी है।
Source link
