होशियारपुर में स्कूल बस से उतरकर घर की ओर जा रहे एक बच्चे को तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने टक्कर मार दी। इस जबरदस्त टक्कर में बच्चा और बाइक सवार दोनों ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
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बाइक बच्चे को दूर तक घसीटती ले गई। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बच्चे और बाइक सवार को उठाकर अस्पताल पहुंचाया।
यह पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फिलहाल दोनों का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

बच्चे को उतारने के लिए घर के सामने रुकी स्कूल बस।
बाइक सवार को ब्रेक मारने का मौका नहीं मिला
यह हादसा होशियारपुर में ऊना मार्ग पर हुआ। एक निजी स्कूल की बस बच्चे को छोड़ने के लिए रुकी। बच्चा बस से उतरा और बिना आगे-पीछे देखे सड़क के दूसरी तरफ जाने के लिए दौड़ पड़ा। उसी समय सड़क पर एक दोपहिया वाहन अपनी लेन में आ रहा था।
जैसे ही बच्चा बस के पीछे से अचानक सड़क के बीच आया, बाइक सवार को ब्रेक मारने या मुड़ने का समय नहीं मिला और बच्चे को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्चा और बाइक ड्राइवर दोनों सड़क पर काफी दूर तक घिसटते चले गए।

बच्चा उतरकर बस के पीछे से निकला तो बाइक ने उसे टक्कर मार दी।
CCTV में कैद हुआ घटना
यह पूरी घटना पास की एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि हादसा अचानक हुआ। वीडियो में दिख रहा है कि बच्चा बस के पीछे से अचानक निकलता है, जो किसी भी ड्राइवर के लिए ‘ब्लाइंड स्पॉट’ की तरह होता है, जिसके चलते यह दुर्घटना हुई।

बच्चे के एक्सीडेंट के बाद बस में सवार अन्य बच्चे और ड्राइवर उसकी मदद के लिए दौड़े।
स्थानीय लोगों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल
टक्कर की आवाज और बच्चे की चीख सुनकर आसपास के दुकानदार और राहगीर तुरंत मौके पर जमा हो गए। लोगों ने बिना समय गंवाए खून से लथपथ बच्चे और बाइक चालक को उठाया। स्थानीय निवासियों ने एम्बुलेंस को सूचित किया और निजी वाहनों की मदद से दोनों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।

पास मौजूद घर से निकलकर महिला भी बच्चे की मदद के लिए दौड़ी।
स्कूल बस स्टाफ की लापरवाही आई सामने
इस हादसे ने स्कूल बस के ड्राइवर और कंडक्टर की लापरवाही को उजागर किया। नियमों के मुताबिक, छोटे बच्चे के सड़क पार करते समय बस स्टाफ की जिम्मेदारी होती है कि वे बच्चे को सुरक्षित हाथ पकड़कर सड़क पार कराएं या उसके अभिभावक के आने तक निगरानी रखें। यहां ऐसा नहीं हुआ, जिससे यह हादसा हो गया।







