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हरियाणा के हांसी में प्राइवेट बस में जिंदा जले दोनों लोगों की पहचान के साथ ही नई कहानी भी सामने आई। हरियाणा पुलिस की CID ब्रांच के ASI सुनील ने खुद की जान की परवाह किए बगैर जलती बस से दूसरी सवारियों को बाहर निकालने की कोशिश की थी। 11 सवारियों की जान बच गई, हालांकि सुनील खुद नहीं बच सके। सोमवार रात को बस में जिंदा जली दो सवारियों के शवों की पहचान नहीं हो सकी थी। जिसकी वजह से DNA सैंपल लेकर मधुबन लैब में जांच कराई गई। जिससे उनकी पहचान सुनील व बलजीत (45) के रूप में हुई। बलजीत हिसार में जिंदल फैक्टरी में काम करते थे। भिवानी के एसपी सुमित कुमार ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों और घायलों ने बताया कि पुलिस कर्मचारी सुनील ने आखिरी समय तक दूसरी सवारियों की जान बचाने की कोशिश की। पुलिस सुनील की बहादुरी का सम्मान करेगी। इसी वजह से पार्थिव शरीर को शहीद की तरह अस्पताल से गांव बड़सी ले जाया गया। गुरुवार शाम पुलिस सम्मान के साथ एएसआई का अंतिम संस्कार हुआ। SP बोले- आखिरी समय तक ASI ने ड्यूटी निभाई भिवानी के एसपी सुमित कुमार ने मीडिया से बातचीत में बताया कि हमने प्रत्यक्षदर्शियों और बस में सवार अन्य सवारियों से बात की। यह बात सामने आई कि एएसआई सुनील ने आखिरी समय तक ड्यूटी निभाई। जब बस में आग लग रही थी, तब अपनी जान की परवाह किए बगैर बस में सवार महिलाओं व अन्य यात्रियों को बाहर निकालने की कोशिश की। यह बहादुरी का जज्बा है, जिसका पुलिस सम्मान करती है। करीब 52 वर्षीय एएसआई सुनील कुमार 2 बच्चों (बेटी-बेटा) के पिता थे। जिनमें से एक छोटा बेटा बीए की पढ़ाई कर रहा है और बड़ी बेटी एमएससी कर रही है। सुनील के दो भाई भी हैं, जिनमें से बड़ा भाई खेतीबाड़ी करता है और छोटे भाई का निधन हो चुका है। पढ़िए, SP की बताई 2 मुख्य बातें… चलती-चलती बस में आग लगी, फिर विस्फोट हुआ हादसे में घायल एक यात्री ने बताया कि उस रात बस में बवानीखेड़ा से हांसी आ रहा था। बस मिल्कपुर पहुंचने वाली थी। अचानक चलती-चलती बस में ही आग लग गई। यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। सब जान बचाने को दरवाजे की तरफ भागने लगे। अंदर दो लोग रह गए थे, जो बस की पिछली सीटों पर बैठे थे। एएसआई सुनील पीछे से सवारियों का उतार रहे थे। फिर अचानक से ब्लास्ट हुआ। फिर नहीं पता क्या हुआ, कौन बचा। मेरा सिर फट गया, कमर में चोट आई, बाजू झुलस गई और धमाके के कारण आंख व कान में भी दिक्कत है। घटना पर प्रत्यक्षदर्शी की 3 बातें… कारणों का पता लगाने में जुटे अधिकारी अधिकारी तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण की जांच कर रहे हैं। जांच अधिकारी नीर सिंह ने पुष्टि की है कि डीएनए रिपोर्ट के आधार पर मृतकों की पहचान हुई है और पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। बस में लगी भयंकर आग के बाद मृतकों के शव पहचान के लायक नहीं बचे थे। जिस कारण परिजन डीएनए रिपोर्ट की मांग कर रहे थे। प्रशासन ने मामले की गहन जांच का आश्वासन दिया है, ताकि हादसे के असली कारणों का जल्द से जल्द खुलासा किया जा सके। ————— यह खबर भी पढ़ें… प्राइवेट बस में आग लगी, 2 लोग जिंदा जले: भिवानी से हांसी जा रही थी बस, 11 लोग घायल; प्रत्यक्षदर्शी बोले- पहले धमाका हुआ हरियाणा के हांसी में सोमवार देर शाम एक प्राइवेट बस में अचानक आग लग गई, जिसमें 2 लोग जिंदा जल गए और 11 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बस भिवानी से हांसी की ओर जा रही थी। यह हादसा मिलकपुर गांव के पास हुआ। कुछ ही देर में पूरी बस आग की चपेट में आ गई। (पूरी खबर पढ़ें)
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जलती बस से सवारियों को निकालता रहा ASI:हरियाणा पुलिस ने शहीद की तरह निकाली अंतिम यात्रा; कंकाल बने शव की DNA से पहचान







