हिसार9 मिनट पहले
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एआई जनरेटिड पिक्चर।
हिसार शहर के सेक्टर-13 पी निवासी एक युवक साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी मेहनत की कमाई गंवा बैठा। ठगों ने पहले टेलीग्राम पर टास्क पूरे करने और ब्रांडेड कंपनियों के प्रोडक्ट लाइक करने के बदले मोटा मुनाफा देने का झांसा दिया।
जब पीड़ित ने विश्वास में आकर 3.36 लाख रुपए निवेश कर दिए, तो ठगों ने उसकी आईडी ब्लॉक कर दी। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी गई शिकायत में अमन गर्ग ने बताया कि 24 अप्रैल को उसके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया था।
इसमें घर बैठे टास्क पूरे कर लाभ कमाने की बात कही गई थी। जैसे ही अमन ने दिए गए लिंक पर क्लिक किया, वह सान्या वर्मा नाम की एक टेलीग्राम आईडी से जुड़ गया। शुरुआत में उसे टी-शर्ट और जूते लाइक करने का टास्क दिया गया, जिसके बदले उसे 400-500 रुपए का लाभ मिला। इस छोटे मुनाफे ने अमन का विश्वास जीत लिया।
11 लाख का बैलेंस दिखा, पर निकालने वक्त आईडी की ब्लॉक आरोपी सान्या ने अमन को ज्यादा मुनाफे का लालच देकर ‘इंस्ट्रक्टर’ रमेश दुबे से मिलवाया। रमेश के कहने पर अमन ने एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक खाते से अलग-अलग 11 किश्तों में कुल 3,36,300 रुपये ट्रांसफर कर दिए।
टास्क पूरा होने के बाद अमन की वर्चुअल आईडी पर 11 लाख रुपये का बैलेंस दिखने लगा। लेकिन जैसे ही उसने रकम निकालने की कोशिश की, उसकी आईडी ब्लॉक कर दी गई। जब उसने आरोपियों से संपर्क किया, तो वे और रुपयों की मांग करने लगे।
इन खातों और यूपीआई आईडी में भेजी रकम पीड़ित ने अपनी शिकायत में बताया कि उसने स्वरूप बिश्नोई, प्रणय फिलिंग स्टेशन, हेमलता, महल फिलिंग स्टेशन, ताज पेट्रोल स्टेशन और महालक्ष्मी एंटरप्राइजेज जैसे अलग-अलग नामों से जुड़ी यूपीआई आईडी पर पैसे भेजे थे।
थाना साइबर क्राइम, हिसार के एएसआई संजय ने बताया कि प्राथमिक जांच और परिवादी के बयानों के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उन बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की डिटेल खंगाल रही है, जिनके जरिए ठगी को अंजाम दिया गया।
