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- Haryana CS Anurag Rastogi Extension Controversy; IAS Officers Dr. Sumita Misra, Sushir Rajpal, And Arun Gupta.
चंडीगढ़49 मिनट पहले
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हरियाणा मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के सेवा विस्तार (एक्सटेंशन) पर सोमवार को बड़ा फैसला हो सकता है। रस्तोगी का एक साल का सेवा विस्तार 30 जून को पूरा हो रहा है। राज्य सरकार उनकी सेवा अवधि बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार को 3 महीने से लेकर एक साल तक के नए एक्सटेंशन का प्रस्ताव भेज चुकी है। अब अंतिम फैसला केंद्र स्तर पर होना है। अगर अनुराग रस्तोगी को दोबारा एक्सटेंशन मिल जाता है तो वे मुख्य सचिव बने रहेंगे। वहीं, यदि सेवा विस्तार नहीं मिलता तो नए मुख्य सचिव की नियुक्ति होगी और रस्तोगी को हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (HRSC) का चीफ कमिश्नर बनाया जा सकता है।
एक्सटेंशन मिलने से ब्यूरोक्रेसी में होगा ये बदलाव
अनुराग रस्तोगी को दूसरा सेवा विस्तार मिलने की स्थिति में कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की मुख्य सचिव बनने की उम्मीदों को बड़ा झटका लग सकता है। वरिष्ठता के आधार पर अगले मुख्य सचिव की दौड़ में 1990 बैच के दो वरिष्ठ अधिकारी आगे माने जा रहे थे।
इनमें गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल और राजस्व विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा प्रमुख दावेदार हैं। लेकिन यदि रस्तोगी को नया एक्सटेंशन मिल जाता है तो इन दोनों अधिकारियों के लिए मुख्य सचिव पद तक पहुंचने की संभावना काफी कम हो सकती हैं।
अभी CS के ये 3 सबसे मजबूत दावेदार…
1. सुधीर राजपाल: ग्रेडेशन लिस्ट में सबसे सीनियर और मजबूत दावेदार हैं। ये 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। इनका रिटायरमेंट नवंबर 2026 को है। वर्तमान में अतिरिक्त मुख्य सचिव, गृह विभाग, कारागार, आपराधिक जांच एवं न्याय प्रशासन, पर्यावरण, वन एवं वन्यजीव विभाग की जिम्मेदारी देख रहे हैं।
क्यों मजबूत दावेदार: सुधीर राजपाल वर्तमान में गृह जैसे संवेदनशील विभाग संभाल रहे हैं। कानून-व्यवस्था, जेल प्रशासन और न्यायिक समन्वय जैसे विभाग सीधे सरकार के कोर प्रशासन से जुड़े होते हैं। वरिष्ठता के आधार पर वे सबसे आगे हैं। यदि सरकार “सीनियर मोस्ट” फॉर्मूला अपनाती है तो उनका दावा सबसे मजबूत माना जा रहा है।
2. सुमिता मिश्रा: प्रशासन और वित्तीय प्रबंधन का बड़ा अनुभवी अफसर माना जाता है। ये 1990 बैच की आईएएस अफसर हैं। इनका रिटायरमेंट जनवरी 2027 को है। वर्तमान में ये ACS, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वित्त आयुक्त एवं समेकन विभाग, ACS, स्वास्थ्य विभाग, ACS, चिकित्सा शिक्षा विभाग, ACS, आयुष विभाग की जिम्मेदारी देख रही हैं।
क्यों हैं रेस में: सुमिता मिश्रा के पास फिलहाल सबसे ज्यादा “हाई इम्पैक्ट” विभाग हैं। राजस्व, स्वास्थ्य और मेडिकल एजुकेशन जैसे विभागों पर उनकी पकड़ उन्हें मजबूत प्रशासनिक दावेदार बनाती हैं। महिला अधिकारी होने के कारण सरकार यदि प्रशासनिक संदेश देना चाहे तो उनका नाम और मजबूत हो सकता है।
3. अरुण कुमार गुप्ता: CMO कनेक्शन सबसे बड़ी ताकत है। 1992 बैच के आईएएस अफसर हैं। रिटायरमेंट सितंबर 2026 को है। वर्तमान में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव, ACS, वित्त एवं योजना विभाग की जिम्मेदारी देख रहे हैं।
क्यों मजबूत दावेदार: अरुण कुमार गुप्ता को मुख्यमंत्री कार्यालय का सबसे भरोसेमंद प्रशासनिक चेहरा माना जाता है। वे सीधे सीएमओ और वित्तीय फैसलों से जुड़े हैं। सरकार यदि “विश्वास और नियंत्रण” को प्राथमिकता देती है तो उनका दावा काफी मजबूत माना जा रहा है।
HRSC की चेयरमैनी पक्की
हरियाणा के चीफ सेक्रेटरी को यदि नया एक्सटेंशन नहीं मिलता है तो हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग (HRSC) के चीफ कमिश्नर पद अनुराग रस्तोगी को मिलना तय है। इसकी वजह यह है कि अभी यह पद फिलहाल रस्तोगी के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में है।
आयोग के चीफ कमिश्नर पद के लिए मुख्य सचिव रैंक का अधिकारी पात्र होता है। यदि रस्तोगी को नया एक्सटेंशन नहीं मिलता, तो उनके चीफ कमिश्नर बनने की प्रबल संभावना मानी जा रही है।
