मानसा जिले के कुलाना गांव में मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे से पहले किसानों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस उन्हें गाड़ियों में भरकर थाने ले गई। इस दौरान किसानों ने पंजाब पुलिस और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुख्यमंत्री मान आज मानसा के गांव धर्मपुरा में ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के तहत लोगों से संवाद करने वाले थे। किसान संगठन इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से सवाल-जवाब करने और अपनी मांगें रखने के लिए जा रहे थे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही रास्ते में रोककर हिरासत में ले लिया। कुलाना गांव में भारतीय किसान यूनियन (आजाद) के नेता जगदेव सिंह, राम सिंह, बिकर सिंह, लखबीर सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। किसानों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी किसानों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि पंजाब सरकार एक ओर ‘लोक मिलनी’ के नाम पर लोगों से संवाद का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री से अपनी बात रखने आ रहे लोगों को रास्ते में ही गिरफ्तार किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि वे शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों के सामान की चोरी और उन पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को मुख्यमंत्री के सामने उठाना चाहते थे। उन्होंने पुलिस की इस कार्रवाई को ‘किसान विरोधी’ करार दिया। किसानों ने यह भी कहा कि जब तक उनके नुकसान की भरपाई नहीं होती, तब तक उनका संघर्ष और सरकार के खिलाफ विरोध जारी रहेगा। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने धर्मपुरा गांव को 50 लाख रुपए की ग्रांट देने की घोषणा की। उन्होंने विरोधी पार्टियों पर उन्हें बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल अब ‘ननद-भरजाई’ की पार्टी रह गई है, जिसमें एक सांसद और दूसरी विधायक है।
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CM मान से मिलने जा रहे किसान हिरासत में:मानसा में रास्ते में पुलिस ने रोका, किसानों ने सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
