43 साल बाद हरियाणा बीजेपी ने महिला प्रदेश अध्यक्ष बनी है।
भाजपा सामाजिक सेवा से जुड़ने के इच्छुक लोगों के लिए जल्द एक नया पोर्टल लॉन्च करेगी। इसके जरिए स्वयंसेवकों को पार्टी की गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने 2027 के पंचायत चुनावों को लेकर भी कार्यकर्ताओं से अभी
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सीएम नायब सैनी के साथ हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष डॉ अर्चना गुप्ता लगातार मीटिंगें कर रही हैं। फाइल फोटो।
पोर्टल लॉन्च करने की ये 3 वजहें…
1. सामाजिक सेवा से जुड़े लोगों को एक मंच मिलेगा: ऐसे लोग जो समाज सेवा में योगदान देना चाहते हैं, लेकिन किसी संगठन से नहीं जुड़े हैं, वे पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर सकें गे। इससे उन्हें सेवा कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।
2, नए स्वयंसेवकों को संगठन से जोड़ने की तैयारी: पार्टी का लक्ष्य सेवा कार्यों के जरिए नए लोगों को जोड़ना है। सक्रिय स्वयंसेवकों को धीरे-धीरे भाजपा के संगठनात्मक कार्यक्रमों और अभियानों का हिस्सा बनाया जाएगा, जिससे जमीनी नेटवर्क मजबूत होगा।
3. समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति: पोर्टल के जरिए युवा, महिलाएं, डॉक्टर, प्रोफेशनल्स और अन्य सामाजिक रूप से सक्रिय लोगों को जोड़ने की योजना है। इससे पार्टी का जनसंपर्क और विभिन्न वर्गों में संगठन का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
संसद से पंच तक संगठन पर फोकस
डॉ. गुप्ता ने 2027 के पंचायत चुनावों की तैयारियां भी शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पार्टी का लक्ष्य “सांसद से लेकर पंच तक” हर स्तर पर मजबूत संगठन खड़ा करना है, इसलिए बूथ स्तर पर अभी से काम शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा की चुनावी सफलता की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ता हैं।
सांसद, विधायक और सरकारें जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत बनती हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से महिलाओं, डॉक्टरों, युवाओं और समाज के अन्य वर्गों तक पहुंच बढ़ाकर संगठन को और मजबूत करने की अपील की।
43 साल बाद महिला अध्यक्ष
43 साल बाद कोई महिला हरियाणा BJP की अध्यक्ष बनी हैं। इनसे पहले 1980 में डॉ. कमला वर्मा (स्व.) हरियाणा में पार्टी की पहली महिला अध्यक्ष बनीं थी। गजब संयोग है कि दोनों ही डॉक्टर्स रहीं। अर्चना गुप्ता केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और संगठन की करीबी मानी जाती हैं। अर्चना गुप्ता गोल्ड मेडलिस्ट रेडियोलॉजिस्ट (MBBS, MD) हैं। राजनीति में आने से पहले विश्व हिंदू परिषद की इंडियन हेल्थ लाइन में सक्रिय थीं। जानिए… कौन हैं अर्चना गुप्ता

पेशे से डॉक्टर, 6 साल में सियासी तरक्की: अर्चना गुप्ता पेशे से डॉक्टर हैं। पीजीआई रोहतक से एमडी की डिग्री हासिल की है। पति डॉ. अनिल गुप्ता आई स्पेशलिस्ट हैं। पानीपत में इनका अस्पताल भी है। विश्व हिंदू परिषद में रहीं। उसके बाद भाजपा महिला मोर्चा में एंट्री हुई। साल 2020 में इनकी पहली सियासी तरक्की हुई, जब ये पानीपत भाजपा की जिलाध्यक्ष बनीं। उनके बाद 2023 में तरक्की पाकर प्रदेश महामंत्री बनीं। पानीपत से विधानसभा में टिकट की दावेदार भी थीं। अब अध्यक्ष पद मिला। पानीपत की पहली महिला जिलाध्यक्ष रहीं: डॉ. अर्चना गुप्ता अगस्त 2020 में पानीपत भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष से पानीपत भाजपा जिलाध्यक्ष बनीं। पानीपत में जिलाध्यक्ष बनने वालीं वह पहली महिला कार्यकर्ता थीं। व्यक्तिगत और सामाजिक जीवन: एक चिकित्सक होने के नाते उन्होंने कोरोना काल में लोगों की काफी मदद की थी। इसके अलावा, वह सामाजिक कार्यों, धार्मिक आयोजनों और जन-कल्याणकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय रहती हैं।







