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नूंह जिले में साढ़े तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में पोक्सो स्पेशल कोर्ट ने दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एवं फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो एक्ट) की न्यायाधीश डॉ. आसू संजीव टिंजन ने अपने फैसले में स्पष्ट किया कि आजीवन कारावास का अर्थ दोषी का शेष पूरा जीवन जेल में बिताना होगा। अदालत ने दोषी पर 1 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने इसे न्याय की जीत बताया। परिवार का कहना है कि उनकी बेटी तो वापस नहीं आएगी, लेकिन दोषी को मिली सजा से उन्हें कुछ हद तक संतोष मिला है। खाने पीने की लालच लेकर ले गया था गांव का आरोपी यह घटना 30 नवंबर 2024 को हुई थी। पिनगवां थाना क्षेत्र के एक गांव से साढ़े तीन साल की बच्ची अचानक लापता हो गई थी। परिजनों की तलाश के दौरान पता चला कि गांव का ही हरीचंद बच्ची को खाने-पीने का लालच देकर पहाड़ी क्षेत्र में ले गया था। वहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर उसकी हत्या कर दी। लहूलुहान हालत में मिला था बच्ची का शव ग्रामीणों ने आरोपी को बच्ची के साथ जाते हुए देखा था, जिससे उस पर संदेह गहराया। रात करीब 11 बजे परिजनों ने बच्ची को पहाड़ी इलाके में लहूलुहान हालत में मृत पाया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए सामान्य अस्पताल मांडीखेड़ा भिजवाया गया। सवा साल ट्रायल के बाद मिली सजा पीड़ित पिता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पोक्सो एक्ट और हत्या सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी को दिसंबर 2024 में गिरफ्तार कर लिया गया था। लगभग सवा साल तक चले ट्रायल के दौरान अदालत में पुख्ता सबूत और गवाह पेश किए गए, जिसके आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया गया।
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नूंह में मासूम से दरिंदगी करने वाले को उम्रकैद:3.5 साल की बच्ची को लालच देकर ले गया था, दुष्कर्म के बाद हत्या, 1.30 लाख जुर्माना







