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करनाल जिले के असंध स्थित पाढा गांव की रहने वाली 70% दिव्यांग महिला और उनके भाई के पानीपत स्थित 70 वर्गगज के रिहायशी प्लॉट पर फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी (GPA) तैयार कर कब्जा करने और उसे बेचने का मामला सामने आया है। तहसील कैंप थाना पुलिस ने एसपी पानीपत के आदेश पर जांच के बाद मुख्य आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। साथ ही पुलिस सभी दस्तावेजों के आधार पर आगामी कार्रवाई में जुटी हुई है। असंध (करनाल) के पाढा गांव निवासी नीलम ने एसपी पानीपत को शिकायत दी थी। नीलम ने बताया कि वह 70 प्रतिशत दिव्यांग हैं। उनके और उनके भाई राममेहर के नाम पर पानीपत की प्रकाश कॉलोनी में 70 वर्गगज का एक रिहायशी प्लॉट है, जिसकी रजिस्ट्री व इंतकाल उनके नाम पर है। उन्होंने इस प्लॉट को कभी किसी को नहीं बेचा। 10 जून को नाजायज कब्जे का पता चला नीलम को जानकारी मिली कि कुछ लोग उनके प्लॉट पर जबरन निर्माण की कोशिश कर रहे हैं। 10 जून को जब वह मौके पर पहुंचीं, तो वहां निर्माण सामग्री पड़ी मिली। पूछताछ में पता चला कि कृष्णा नगर निवासी राज कुमार ने यह प्लॉट सुखदेव नगर निवासी गुलशन कुमार को बेच दिया है। विरोध करने और वापस लौटते समय आरोपी राज कुमार और गुलशन ने पीड़िता को जान से मारने की धमकियां दीं। फर्जी GPA बनाकर हड़पा प्लॉट केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस SP पानीपत की मंजूरी के बाद थाना तहसील कैंप में आरोपी राज कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(2), 318(4), 336(3), 337 और 340 के अंतर्गत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी कागजात बनाने वाले गिरोह और मुख्य आरोपी के खिलाफ गहनता से जांच जारी है और जल्द ही कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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