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स्वतंत्रता दिवस-2026 के मद्देनजर ट्राइसिटी की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए वीरवार को चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय, सेक्टर-9 में ट्राइसिटी कोऑर्डिनेशन कमेटी की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता चंडीगढ़ के डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा ने बैठक की। इस मौके पर चंडीगढ़, पंचकूला, मोहाली, रूपनगर (रोपड़) और हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में स्वतंत्रता दिवस के दौरान कानून व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस के बीच बेहतर समन्वय को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने फैसला लिया कि सभी एजेंसियां आपसी तालमेल के साथ काम करेंगी, ताकि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा चुनौती से समय रहते निपटा जा सके। खुफिया सूचनाएं तुरंत साझा होंगी बैठक में फैसला लिया गया कि चंडीगढ़ से लगती पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर संयुक्त अंतरराज्यीय नाके लगाए जाएंगे। इन नाकों पर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की नियमित जांच की जाएगी। इसके साथ ही होटल, सराय, गेस्ट हाउस और किराएदारों व घरेलू सहायकों का सत्यापन अभियान भी तेज किया जाएगा। बैठक में तय किया गया कि धरना, प्रदर्शन, रैली, विरोध मार्च या किसी भी संगठन की गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी सभी पुलिस एजेंसियां तुरंत एक-दूसरे के साथ साझा करेंगी। इसके अलावा चोरी के वाहन, भगोड़े अपराधी, वांछित आरोपी और अन्य आपराधिक तत्वों से संबंधित सूचनाओं का भी रियल टाइम में आदान-प्रदान किया जाएगा। गैंगस्टरों और आतंकियों पर रहेगी कड़ी नजर वरिष्ठ अधिकारियों ने गैंगस्टरों और आतंकवादी गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखने पर जोर दिया। तय किया गया कि ऐसे तत्वों से जुड़ी हर महत्वपूर्ण सूचना नियमित रूप से सभी जिलों और राज्यों की पुलिस के साथ साझा की जाएगी, ताकि समय रहते कार्रवाई कर किसी भी बड़ी घटना को रोका जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में ट्राइसिटी और आसपास के जिलों की पुलिस के बीच इस तरह की समन्वय बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, आपसी समन्वय को और मजबूत करने, खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान और बेहतर कार्यप्रणाली पर चर्चा की जाएगी। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में पंजाब के एडीजीपी (सीआईडी) सौरभ सिंह, एडीजीपी (कानून व्यवस्था) संजय कुमार और आईजीपी (इंटेलिजेंस) डॉ. सुखचैन सिंह गिल शामिल हुए। इसके अलावा पंचकूला के पुलिस आयुक्त पंकज नैन, रूपनगर रेंज के डीआईजी नानक सिंह, एसएएस नगर (मोहाली) के एसएसपी हरमनदीप सिंह हंस, रूपनगर (रोपड़) के एसएसपी मनिंदर सिंह, पंचकूला की डीसीपी अदिति सिंह और सोलन के एसपी तिरुमलाराजू एस.डी. वर्मा ने भी बैठक में हिस्सा लिया। सभी अधिकारियों ने स्वतंत्रता दिवस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने और आपसी तालमेल के साथ काम करने पर सहमति जताई। जानिए, बैठक में क्या-क्या फैसले हुए… सीमाओं पर लगेंगे संयुक्त पुलिस नाके: स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की सीमाओं पर संयुक्त पुलिस नाके लगाए जाएंगे। इन नाकों पर तीनों राज्यों की पुलिस मिलकर वाहनों और आने-जाने वाले लोगों की जांच करेगी। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। होटल, गेस्ट हाउस और किरायेदारों की होगी जांच: बैठक में तय किया गया कि होटल, सराय, गेस्ट हाउस, पीजी, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का सत्यापन अभियान तेज किया जाएगा। इसका उद्देश्य संदिग्ध लोगों की पहचान कर किसी भी अप्रिय घटना को पहले ही रोकना है। धरना-प्रदर्शन की सूचना तुरंत साझा होगी: यदि किसी जिले में धरना, प्रदर्शन, रैली, विरोध मार्च या किसी संगठन का बड़ा कार्यक्रम होता है तो उसकी जानकारी तुरंत दूसरे जिलों और राज्यों की पुलिस के साथ साझा की जाएगी। इससे पुलिस पहले से तैयारी कर सकेगी और कानून व्यवस्था बनाए रखने में आसानी होगी। गैंगस्टरों और आतंकियों पर रहेगी कड़ी नजर: बैठक में फैसला लिया गया कि गैंगस्टर, आतंकवादी और अन्य अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी। यदि किसी जिले को इनके बारे में कोई खुफिया सूचना मिलती है तो उसे तुरंत दूसरी पुलिस एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। नियमित होंगी ऐसी बैठकें: अधिकारियों ने तय किया कि आगे भी समय-समय पर ऐसी समन्वय बैठकें आयोजित की जाएंगी। इनमें सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा, आपसी तालमेल बढ़ाने, खुफिया सूचनाओं का आदान-प्रदान और अपराध रोकने के नए तरीकों पर चर्चा की जाएगी, ताकि सभी पुलिस एजेंसियां मिलकर बेहतर ढंग से काम कर सकें।
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