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गैंगस्टर हैप्पी पासियां के 3 साथियों पर चंडीगढ़ में आरडीएक्स से बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश के मामले में अब ट्रायल शुरू होगा। जिला अदालत ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने मामले में 25 अगस्त से गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए सुनवाई तय की है। साथ ही गवाहों को अगली तारीख पर अदालत में पेश होने के लिए समन जारी किए गए हैं। अभियोजन के अनुसार तीनों आरोपी पिछले साल चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित जीरी मंडी चौक के पास से गिरफ्तार किए गए थे। उनके कब्जे से ढाई किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट कंट्रोल, 2 पिस्टल और कारतूस बरामद किए गए थे। जांच में सामने आया था कि आरोपी शहर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। इन धाराओं में तय हुए आरोप चंडीगढ़ जिला अदालत ने अमृतसर निवासी जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला, गुरदासपुर निवासी सुमनदीप सिंह उर्फ सिम्मा और हरवंत सिंह उर्फ हैरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 121(1), 132, 221 और 109(1) के अलावा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 और 5 तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत आरोप तय किए हैं। अदालत ने तीनों आरोपियों को ट्रायल का सामना करने के आदेश दिए हैं। पुलिस थाने भी थे निशाने पर चंडीगढ़ पुलिस की जांच के दौरान सामने आया था कि आरोपी गैंगस्टर हैप्पी पासियां के इशारे पर काम कर रहे थे। पूछताछ में पुलिस को इनपुट मिले थे कि आरोपियों के निशाने पर चंडीगढ़ के कुछ पुलिस थाने भी थे। इसके अलावा शहर में किसी भीड़भाड़ वाली जगह या महत्वपूर्ण सरकारी ठिकाने को निशाना बनाने की भी साजिश की आशंका जताई गई थी। इसी इनपुट के आधार पर सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे मामले की गंभीरता से जांच की थी। आरडीएक्स और हथियारों के साथ हुए थे गिरफ्तार पुलिस के अनुसार पिछले साल सेक्टर-39 के जीरी मंडी चौक के पास संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तीनों आरोपियों को घेरकर गिरफ्तार किया गया था। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से करीब 2.5 किलोग्राम आरडीएक्स, एक रिमोट कंट्रोल, दो पिस्टल और कई जिंदा कारतूस बरामद हुए थे। जांच एजेंसियों का मानना था कि बरामद विस्फोटक सामग्री का इस्तेमाल किसी बड़ी वारदात में किया जाना था। हैप्पी पासियां सीधे मुख्य आरोपी के संपर्क में पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी जोबनजीत सिंह उर्फ बिल्ला पहले भी पंजाब में कई आपराधिक घटनाओं में शामिल रहा है। जांच में पता चला कि उसे विदेश में बैठे गैंगस्टर हैप्पी पासियां और उसके साथियों से हथियार, नकदी और अन्य तरह की मदद मिलती थी। पुलिस के अनुसार पिछले साल हैप्पी पासियां ने जोबनजीत को 50 हजार रुपये भी भिजवाए थे। जांच में उसका नाम गुरदासपुर के किला लाल सिंह थाना पर आरपीजी हमले की साजिश और अमृतसर में हुई फायरिंग की घटनाओं में भी सामने आया था।
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