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रोहतक जिले के महम में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों से लंबित मांगों का जल्द समाधान करने की मांग उठाई है। कर्मचारी विजय ने बताया कि सरकार एग्री डिस्कॉम (किसानों के लिए बिजली) नामक एक नया विभाग बनाने जा रही है। उनका आरोप है कि यह विभाग पहले ही 54 करोड़ रुपए के घाटे में है और इसे घाटे में दिखाकर निजीकरण किया जा सकता है। कर्मचारियों की मुख्य मांगों में कच्चे कर्मचारियों को स्थायी करना और रिस्की अलाउंस बढ़ाना भी शामिल है। प्रीपेड मीटर लगाने से होगा जनता को नुकसान : प्रवेश प्रदर्शनकारी प्रवेश रापड़िया ने प्रीपेड मीटर लाने के सरकार के फैसले का भी विरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे आम जनता को भारी नुकसान होगा। वर्तमान में उपभोक्ता दो महीने बिजली इस्तेमाल करने के बाद बिल का भुगतान करते हैं, जबकि प्रीपेड मीटर में पहले भुगतान करना होगा और फिर बिजली का उपयोग किया जा सकेगा। रापड़िया ने चिंता व्यक्त की कि यदि किसी परिवार में बुजुर्ग व्यक्ति या महिला रहती है और रात में स्मार्ट मीटर में पैसे खत्म हो जाते हैं, तो उनके लिए तुरंत रिचार्ज कराना मुश्किल होगा। उन्होंने प्रीपेड मीटर को “मीठा जहर” बताते हुए इसकी तुलना जियो सिम के शुरुआती ऑफर्स से की, जिसमें पहले सस्ते में सेवाएं देकर आदत डाली गई और फिर कीमतें बढ़ाई गईं। आंदोलन तेज करने की चेतावनी धरने के दौरान कर्मचारियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी कड़ी में उन्होंने 11, 12 और 13 अगस्त को तीन दिवसीय हड़ताल पर जाने का आह्वान किया है। इस धरना प्रदर्शन के चलते बिजली विभाग के कुछ नियमित कार्य प्रभावित हो सकते हैं, हालांकि आवश्यक सेवाएं जारी रखने का प्रयास किया जा रहा है। कर्मचारियों ने घोषणा की है कि उनका आंदोलन चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा।
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