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संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में निकाली जा रही कलश यात्रा बुधवार को लोहारू पहुंची। लोहारू स्थित रविदास मंदिर में श्रद्धालुओं ने इस यात्रा का स्वागत किया। मंदिर परिसर में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने फूलमालाओं से कलश का अभिनंदन किया। इस अवसर पर भजन-कीर्तन, गुरु वंदना और प्रसाद वितरण का भी आयोजन किया गया। यह कलश यात्रा 29 जुलाई को वाराणसी से प्रारंभ हुई थी। विभिन्न राज्यों और शहरों से होते हुए यह यात्रा 4 अगस्त को गुरुग्राम पहुंची, जहां हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कलश यात्रा का स्वागत किया और श्रद्धापूर्वक कलश ग्रहण किया। ‘प्रेरणादायक विचारों से जोड़ने का महत्वपूर्ण प्रयास’ इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के समता, भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। आयोजकों के अनुसार, यह युवा पीढ़ी को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने और उन्हें गुरु रविदास जी के आदर्शों तथा प्रेरणादायक विचारों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। यह यात्रा सामाजिक समरसता, समानता और सद्भाव का संदेश लेकर आगे बढ़ रही है। फूलमालाओं से कलश का स्वागत किया कलश को मंडल अध्यक्ष रोहतास चौहान और मंडल प्रभारी रामकिशन शर्मा लोहारू तक लेकर पहुंचे। रविदास मंदिर पहुंचने पर संयोजक प्रदीप बंटी तायल, कमलेश बोडूका, विजय शेखावत, आरती शर्मा, रोहतास आर्य, रोहतास लांबा भरथराम बॉक्सर, प्रधान देशराज, विजेंद्र, केशवराम, दलबीर, धर्मपाल, नंदन लाल सहित बड़ी संख्या में महिला, युवा और बुजुर्ग श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और फूलमालाओं से कलश का स्वागत किया। इसके बाद, विधि-विधान के साथ कलश को रविदास मंदिर में स्थापित किया गया। प्रसाद का वितरण भी किया कलश स्थापना के अवसर पर महिलाओं ने भजन-कीर्तन कर अपनी श्रद्धा व्यक्त की। श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया। मंदिर परिसर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरे वातावरण में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल बन गया।
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