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सिरसा में कसाबा माइनर के पास मिले राजस्थान के युवक अंकित के शव हत्या मामले में खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि अंकित (21) और ममता का प्रेम-प्रसंग परिवार और पंचायत तक पहुंच गया था। इस बीच दोनों की शादी तक बात पहुंच गई थी और परिवार वाले सहमत हो गए थे। इस पर अंकित उनके घर जमाल में आने जाने लगा। 25-26 अगस्त को भी अंकित जमाल आया हुआ था। इस बात का पता ममता के भाई राकेश को भी चल गया। वह इस शादी के खिलाफ था।
पुलिस के अनुसार, राकेश अपने दोस्तों के साथ अंकित को अज्ञात जगह पर ले गया। वहां ले जाकर सभी ने अंकित के साथ मारपीट की और इतना मारा कि उसने दम तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने अंकित के शव को जमाल, मल्लेकां होते हुए मौजदीन के पास 26 की रात को कसाबा माइनर में फेंक दिया और अपने घर चले गए। इस घटना का उसकी बहन (अंकित की गर्लफ्रेंड) को भी पता था और किसी को कुछ नहीं बताया और चुप रही।
दोनों भाई-बहन निश्चंत हो गए थे कि पुलिस उनको पकड़ नहीं पाएगी। जब अंकित के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई और ममता के बारे में बताया तो पुलिस इन तक जा पहुंची। घटना वाले दिन भी अंकित की ममता से फोन पर बात हुई थी और गांव में बुलाया था। अब पुलिस ने आरोपी ममता और राकेश को पकड़ लिया है। पूछताछ में पुलिस पता लगाएगी कि अंकित की किस हथियार से हत्या की गई और शव कैसे लेकर पहुंचे और इसमें और कितने शामिल है। सिरसा आश्रम में जॉब करती और चार माह पहले संपर्क में आए
पुलिस के अनुसार, 21 वर्षीय अंकित और ममता (26) पिछले तीन-चार माह पहले ही एक-दूसरे के संपर्क में आए थे और दोनों ही आपस में फोन पर बात होती थी। दोनों का सिरसा से जमाल-फेफाना नोहर एक ही रूट है। ममता आश्रम में जॉब करती थी और बस से आती-जाती थी। इसी रूट से अंकित आता-जाता था। तभी बस में दोनों की जान-पहचान हुई और प्रेम प्रसंग में आ गए। दो परिवार उजड़ गए
इस घटना के बाद दो परिवार उजड़ गए। अंकित अपने परिवार का इकलौता चिराग था और उसकी मृत्यु के बाद घर में कोई नहीं बचा। उसकी हत्या में फंसी गर्लफ्रेंड आरोपी ममता और उसका भाई राकेश कुमार भी इकलौती संतान है और दोनों ही पकड़े गए। जेल में चले जाने के बाद घर में अकेली मां बची है। जानिए दोनों के परिवार के बारे में अंकित ताऊ के घर रहता था और गांव में बहुत कम जाता था
राजस्थान से नोहर तहसील के गांव फेफाना निवासी अंकित के माता-पिता की भी काफी समय पहले मौत हो चुकी है। पिता रमेश खेती-बाड़ी करते थे और दो भाईयों में अंकित बड़ा था। छोटे भाई अज्जू की भी पहले मृत्यु हो चुकी है। वह अपने परिवार का इकलौता चिराग था। वह अक्सर अपने ताऊ के बेटे सुरेश कुमार के घर पर रहता था और उन्हीं के पास रोटी खाता था। अंकित उनसे ही खर्चे के पैसे लेता था और उनको कहता था कि सिरसा में रहता है। उनको स्थायी पता नहीं बताया। अंकित घर की खेती-बाड़ी ही संभालता था और गांव में बहुत कम जाता था।
ममता आश्रम में अकाउंटेंट रही
सिरसा के जमाल निवासी ममता रानी और उसका भाई राकेश कुमार अपने माता-पिता की दो संतान है। पिता की पहले ही मौत हो चुकी है और घर में अकेली मां बची है। ममता पहले अप्रेंटिस पर काम करती थी और इन दिनों कैन्हया आश्रम में अकाउंटेंट के तौर पर काम करती है। रोज सिरसा से गांव जमाल तक बस में आना-जाना करती थी।
पुलिस को अंकित के भाई ने बताया, वह अक्सर सिरसा में रहता था राजस्थान के फेफाना निवासी सुरेश कुमार ने पुलिस को शिकायत में बताया, उसका चचेरा भाई अंकित 25 जुलाई से लापता था। 28 जुलाई को व्हाट्सएप ग्रुप में वायरल हुई शव की तस्वीर देखकर वह सिरसा के नागरिक अस्पताल पहुंचकर अंकित की पहचान की। आरोप लगाया कि अंकित और ममता के बीच बातचीत को लेकर दोनों परिवारों में रंजिश थी और इसी कारण उसकी हत्या की गई। पुलिस ने नामजद आरोपियों समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 103 (1), 238, 3(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया। मल्लेकां चौकी प्रभारी एसआई प्रमोद कुमार के अनुसार, अंकित की हत्या से जुड़े तथ्य जुटाए जा रहे हैं। अभी जांच चल रही है। इसमें संलिप्त बाकी आरोपियों का भी पता लगाया जाएगा। आरोपी राकेश को रिमांड पर लिया है और ममता से पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें.. सिरसा की कसाबा माइनर से मिला युवक का शव:ग्रामीणों ने डेडबॉडी बहती देख बुलाई पुलिस; पानी कम होने से किनारे पर अटकी
सिरसा में कसाबा माइनर में एक युवक की डेडबॉडी मिली है। आज सुबह ग्रामीणों की नजर युवक पर पड़ी और पास जाकर देखा, तो वह मृत मिला। इसकी सूचना ग्रामीणों ने सरपंच व अन्य ग्रामीणों को दी। कुछ देर बाद पुलिस मौक पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। अभी तक मृतक युवक की पहचान नहीं पाई है। पढ़िए पूरी खबर:::
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