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कॉमनवेल्थ गोल्ड मेडलिस्ट साक्षी का VIDEO:भिवानी की बेटी ने देश को समर्पित किया मेडल, बोली- एशियन व ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतूंगी




भिवानी के गांव धनाना की बेटी कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल विजेता साक्षी चौधरी ने अपना मेडल पूरे देश को समर्पित किया है। साक्षी चौधरी ने सभी का थेंक्यू किया और कहा कि ऐसे ही हौसले बढ़ाते रहना। जिसकी बदौलत अच्छी प्रफार्मेंश के बल पर एशियन गेम्स व ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीतूं। साक्षी चौधरी ने वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए कहा कि तीन बार की वर्ल्ड चैंपियन व कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन। मैंने बॉक्सिंग में कॉमनवेल्थ गेम्स ग्लासगो में इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीता है। मैं चाहती हूं कि यह गोल्ड मेडल सब इंडियन 1.6 बिलियन सबको समर्पित करती हूं। मैं चाहती हूं कि आप सभी ऐसे ही शुभकामनाएं देते रहें। अभी आने वाले एशियन गेम्स व ओलिंपिक गेम्स में भी मैं अपनी प्रफार्मेंशन अच्छी करूं और इंडिया के लिए गोल्ड मेडल जीतूं। सभी का थेंक्यू करना चाहती हूं। बीएफआई, साईं, आर्मी, फैमिली, सभी कोच व सभी का थेंक्यू करना चाहती हूं, जिसने मेरा स्पोर्ट किया। कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान साक्षी चौधरी ने यूनानिमस डिसीजन 5-0 से जीत हासिल की। साक्षी ने मुकाबले के दौरान बेहतरीन रणनीति अपनाई। उन्होंने बाएं हाथ से प्रतिद्वंद्वी के पंचों को रोका और दाएं हाथ से लगातार सटीक जवाबी हमले किए। उनके कई पंच सीधे प्रतिद्वंद्वी के चेहरे पर लगे, जिससे मुकाबले में उनकी पकड़ मजबूत होती गई। बॉक्सर साक्षी चौधरी भिवानी के गांव धनाना की बेटी साक्षी ने 51 किलोग्राम भारवर्ग में कनाडा की बॉक्सर अमबेर जाने वाल को 5-0 से हराया। इस जीत के साथ साक्षी फाइनल में प्रवेश कर गई और सिल्वर मेडल भी पक्का हो गया। इसके अलावा वे फाइनल मुकाबला गोल्ड मेडल जीतने के लिए खेलेंगी। साक्षी के पिता मनोज कुमार ने बताया कि वे खेतीबाड़ी करते हैं और साक्षी की मां शीला देवी गृहणी है। उनको 2 बच्चे (एक बेटा व एक बेटी) हैं। उनका लड़का आर्मी में लगे हुए हैं। साक्षी ने 2012 में बॉक्सिंग खेलना शुरू किया था। वहीं साक्षी एमए की पढ़ाई पूरी करके एमबीए की पढ़ाई कर रही है।



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