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सोनीपत में हरियाणा के बिजली निगमों में 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में सोनीपत और गोहाना में बिजली कर्मचारियों ने 3 घंटे का सांकेतिक कार्य बहिष्कार करने का निर्णय लिया है।आगामी आंदोलन की रणनीति को मजबूत करने का लेकर कदम उठाया।कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि बिजली निगमों के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस व्यवस्था, नया कृषि वितरण निगम बनाने के प्रस्ताव सहित विभिन्न लंबित मांगों के विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। इस दौरान कर्मचारियों से एकजुट होकर राज्यव्यापी हड़ताल को सफल बनाने का आह्वान भी किया गया। 11 से 13 अगस्त की हड़ताल को सफल बनाने की तैयारी कर्मचारी नेताओं ने बताया कि 11 से 13 अगस्त तक हरियाणा के बिजली निगमों में राज्यव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। इसकी सफलता सुनिश्चित करने के लिए सोनीपत और गोहाना में 3 घंटे 9 से 12 तक सांकेतिक कार्य बहिष्कार किया गया। इस दौरान कर्मचारियों को आंदोलन के उद्देश्यों और आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। सभी कर्मचारी संगठन आंदोलन में होंगे शामिल पदाधिकारियों ने कहा कि इस आंदोलन में बिजली निगमों के सभी कर्मचारी संगठन एकजुट होकर भाग लेंगे। उनका कहना था कि कर्मचारियों की साझा मांगों और बिजली क्षेत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर सभी संगठन एक मंच पर हैं और सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करेंगे। वही तीन दिन के इस 3 घंटे के प्रोटेस्ट को लेकर कर्मचारी अलग-अलग दिन की अलग-अलग रूप रहेगा लेकर काम कर रहे हैं। जहां आज पहले दिन ने डिवीजन पर 3 घंटे का प्रोटेस्ट है।मीटिंग की जाएगी। उसके बाद अगले दिन सबडिवीजन और उसके बाद पंचायत के बीच कर्मचारी जाएंगे और किस संगठन व अन्य लोगों को आगामी होने वाली विरोध रैली को लेकर आमंत्रित करेंगे। निजीकरण और पैरेलल लाइसेंस का विरोध कर्मचारियों ने कहा कि बिजली निगमों के निजीकरण, पैरेलल लाइसेंस लागू करने तथा नया कृषि वितरण निगम बनाने के प्रस्ताव का वे विरोध कर रहे हैं। उनका आरोप है कि इन फैसलों से बिजली व्यवस्था और कर्मचारियों के हित प्रभावित होंगे। इसलिए इन प्रस्तावों को वापस लेने की मांग की जा रही है। जेई प्रमोशन और कैडर विसंगतियां दूर करने की मांग प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने जूनियर इंजीनियर (जेई) के प्रमोशन कोटा में बढ़ोतरी करने की मांग भी उठाई। साथ ही कैडर से जुड़ी विसंगतियों को जल्द दूर करने और लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। ट्रांसफार्मर डैमेज और ऑयल शॉर्टेज पर रिकवरी बंद करने की मांग कर्मचारी नेताओं ने मांग की कि ट्रांसफार्मर डैमेज या ऑयल शॉर्टेज के मामलों में कर्मचारियों के वेतन से की जाने वाली रिकवरी तुरंत बंद की जाए। उनका कहना था कि कई मामलों में कर्मचारियों को बिना उचित कारण आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। एकजुट होकर आंदोलन सफल बनाने का आह्वान प्रोटेस्ट के दौरान पदाधिकारियों ने सभी कर्मचारियों से संगठन की एकता बनाए रखने और 11 से 13 अगस्त तक प्रस्तावित राज्यव्यापी हड़ताल को पूरी ताकत के साथ सफल बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सामूहिक संघर्ष ही सबसे प्रभावी रास्ता है।
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