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कैथल पहुंचे राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य:कर्मचारियों की समस्याएं जानीं, सफाई एजेंसी को ब्लैकलिस्ट करने के आदेश




हरियाणा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के सदस्य एवं अधिवक्ता संजीव घारू और सदस्य रेखा रानी ने वीरवार को कैथल का दौरा किया। इस दौरान संजीव घारू ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा का ध्यान रखना प्रशासन और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है। कैथल में सफाई कर्मचारियों की वेतन संबंधित शिकायत को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए है कि इसकी जांच की जाए और यदि संबंधित एजेंसी की कोई लापरवाही पाई जाती है तो उस एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। कैथल का किया दौरा उन्होंने सबसे पहले डंपिंग यार्ड की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए मौके पर मौजूद अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान सफाई कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण एवं अन्य सुविधाएं व्यवस्थित रूप से उपलब्ध न मिलने पर आयोग के सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कर्मचारियों की समस्याएं जानीं आयोग के सदस्यों ने सफाई कर्मचारी अमन, सूरजभान, वेद प्रकाश, गंगाराम, संतरो, प्रमोद और बलिंद्र से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने डंपिंग यार्ड में चल रहे कचरा पृथक्करण कार्य का भी निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की समीक्षा की। आयोग के सदस्यों ने कहा कि नियमानुसार सभी सफाई कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण, सुविधाएं एवं बेहत्तर कार्य वातावरण उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सफाई कर्मचारियों ने कहा-नियमित सैलरी नहीं मिलती इसके उपरांत आयोग के सदस्य नगर परिषद कैथल में पहुंचे, जहां उन्होंने ठेकेदार के माध्यम से लगे सफाई कर्मचारियों से बातचीत की। सफाई कर्मचारियों ने कहा कि उनको नियमित रूप से सैलरी नहीं मिलती और जब भी मिलती है, वह बहुत कम मिलती है। इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए आयोग के सदस्य संजीव घारू ने लगभग 160 सफाई कर्मचारियों को इस संदर्भ में अपनी-अपनी अलग से शिकायत देने को कहा। दस्तावेजों को चेक किया इसके अलावा उन्होंने विभिन्न दस्तावेजों को चेक किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि न्यूनतम वेतन यानि 15 हजार 220 रुपए प्रतिमाह के हिसाब से सफाई कर्मचारियों को दिलवाए जाएं। इस पूरे मामले की जांच की जाए और यदि एजेंसी की लापरवाही मिलती है तो संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्ट किया जाए। सफाई निरीक्षक द्वारा सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए हैं, इसलिए इनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उन्होंने मौके पर मौजूद सिविल सर्जन डॉ. रेणु चावला को निर्देश दिए कि जो सुविधाएं सफाई कर्मचारियों को मिलनी चाहिए, वह उन्हें प्रदान की जाए।



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