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चंडीगढ़ नगर निगम सदन की आज होने वाली बैठक में सत्ता पक्ष भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी के बीच तीखी नोकझोंक होने के आसार हैं। दिसंबर में प्रस्तावित नगर निगम चुनाव से पहले यह बैठक राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है। चुनाव नजदीक होने के कारण सभी दल जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर एक-दूसरे को घेरने की तैयारी में हैं। बैठक से पहले सभी दलों ने प्री-हाउस बैठकों में अपनी-अपनी रणनीति भी तय कर ली है।
मुफ्त पानी, सफाई व्यवस्था, वित्तीय फैसलों, विज्ञापन नीति और चुनावी माहौल को देखते हुए शुक्रवार की नगर निगम सदन बैठक में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। संख्या बल में आप से आगे निकली कांग्रेस
वर्ष 2022 के नगर निगम चुनाव के बाद पहली बार सदन में कांग्रेस संख्या बल के मामले में आम आदमी पार्टी से आगे हो गई है। 35 निर्वाचित पार्षदों वाले सदन में कांग्रेस के अब 9 पार्षद हैं। सांसद को मिलाकर यह संख्या 10 हो जाती है, जबकि आम आदमी पार्टी के पास अब 8 पार्षद ही बचे हैं। इसी वजह से कांग्रेस अब नेता प्रतिपक्ष का दावा भी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार गुरप्रीत गाबी को नेता प्रतिपक्ष बनाया जा सकता है, हालांकि अंतिम फैसला प्रदेश अध्यक्ष और सांसद की सहमति से होगा। 20 हजार लीटर मुफ्त पानी का मुद्दा
बैठक से पहले सेक्टर-35 स्थित राजीव गांधी भवन में कांग्रेस पार्षद दल की प्री-हाउस बैठक हुई। प्रदेश अध्यक्ष एचएस लक्की ने कहा कि पार्टी एक बार फिर हर परिवार को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी देने का मुद्दा सदन में उठाएगी। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि शहर के लाखों लोगों की जरूरत और अधिकार का सवाल है। कांग्रेस का दावा है कि यह प्रस्ताव नगर निगम सदन पहले भी दो बार पारित कर चुका है, लेकिन प्रशासन ने अब तक इसे लागू नहीं किया। जनहित मुद्दों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस:
कांग्रेस ने कहा कि सदन में शहर की सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, सीवरेज, टूटी सड़कें, पार्कों की हालत, वित्तीय पारदर्शिता और नगर निगम की कार्यप्रणाली जैसे कई मुद्दे भी उठाए जाएंगे। एचएस लक्की ने कहा कि कांग्रेस जनता के हितों से जुड़े हर मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर आवाज उठाती रहेगी और नगर निगम चुनाव भी पूरी मजबूती से लड़ेगी। संगठन मजबूत करने पर भी हुई चर्चा:
प्री-हाउस बैठक से पहले कांग्रेस ने संगठनात्मक बैठक भी की, जिसमें पांचों जिलाध्यक्ष, 35 ब्लॉक अध्यक्ष और जिला पर्यवेक्षकों ने हिस्सा लिया। बैठक में बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, जनसंपर्क अभियान तेज करने और नगर निगम चुनाव की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। सांसद मनीष तिवारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए और आवश्यक सुझाव दिए। सदन में नई अधिसूचनाएं भी होंगी पेश:
बैठक में चंडीगढ़ प्रशासन की 15 जुलाई 2026 को जारी अधिसूचनाएं भी सदन के पटल पर रखी जाएंगी। इनमें नगर निगम में निर्वाचित पार्षदों की संख्या 35 तय करने, अनुसूचित जाति के लिए 7 सीटें तथा महिलाओं के लिए 12 सीटें आरक्षित करने का प्रावधान शामिल है। इनमें से 3 सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। अस्थायी गौशेड बनाने का प्रस्ताव:
सदन में रायपुर कलां स्थित गौशाला के पास आवारा पशुओं के लिए करीब 2.31 करोड़ रुपये की लागत से अस्थायी गौशेड बनाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। योजना के तहत 165 गायों के लिए तीन शेड और 40 गायों के लिए एक अतिरिक्त शेड बनाया जाएगा। धार्मिक भावनाओं और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे इंसिनरेशन प्लांट से अलग स्थान पर बनाने का प्रस्ताव है।
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित 5 टीपीडी बायो-मीथेनेशन प्लांट को डिजाइन, निर्माण और संचालन के आधार पर अपग्रेड करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा जाएगा। नए ठेकेदार के माध्यम से इसे कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां गैस और जैविक खाद का उत्पादन किया जाएगा। यह परियोजना रॉयल्टी मॉडल पर संचालित होगी। सप्लीमेंट्री एजेंडा में तीन अहम प्रस्ताव:
बैठक के सप्लीमेंट्री एजेंडा में तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी शामिल किए गए हैं। इनमें ठोस कचरा प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) 2026 उपनियम लागू करने का प्रस्ताव, शहर के 39 इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों पर एलईडी विज्ञापनों की ई-नीलामी तथा 75 विज्ञापन स्थलों (16 यूनिपोल और 59 विज्ञापन पैनल) की ई-नीलामी का प्रस्ताव शामिल है। इन प्रस्तावों के जरिए नगर निगम राजस्व बढ़ाने की योजना बना रहा है।
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