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उत्तराखंड सरकार राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नागरिक उड्डयन विभाग की समीक्षा बैठक में निर्देश दिए कि उधमसिंह नगर के पराग फार्म में राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी और पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किया जाए। इसके साथ ही देहरादून को सभी जिला मुख्यालयों से हवाई सेवा के जरिए जोड़ने और प्रदेश में हेलिपोर्ट-हेलीपैड का बड़ा नेटवर्क विकसित करने की योजना पर तेजी से काम करने को कहा।
मुख्य सचिव ने कहा कि पर्वतीय राज्य के लिए हवाई कनेक्टिविटी केवल सुविधा नहीं, बल्कि लाइफलाइन है। इसलिए दूरदराज के क्षेत्रों तक हेलिकॉप्टर सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता होनी चाहिए।
बैठक में ये लिए गए बड़े फैसले…
उधमसिंह नगर के पराग फार्म में एविएशन एकेडमी और पायलट ट्रेनिंग स्कूल स्थापित किया जाएगा।देहरादून से सभी जिला मुख्यालयों को हवाई सेवा से जोड़ने की योजना तैयार होगी। पौड़ी को नियमित हवाई सेवा से जोड़ने और लैंसडाउन के लिए एयर कनेक्टिविटी की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं। बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) जल्द स्थापित करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
पूरे प्रदेश में ATC नेटवर्क मजबूत करने के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश। हवाई सुरक्षा के लिए ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन (AWS) और PTZ कैमरे लगाने पर जोर रहेगा। आदि कैलाश-गुंजी तक हवाई पहुंच बढ़ाने की तैयारी
मुख्य सचिव ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। इसे देखते हुए गुंजी और आदि कैलाश क्षेत्र में एयरस्ट्रिप या हेलिपोर्ट विकसित करने की संभावनाओं पर काम किया जाए। साथ ही कम सेवा वाले क्षेत्रों में भी हेलिपोर्ट और हेलीपैड का नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए।
पंतनगर एयरपोर्ट विस्तार के साथ कुमाऊं का नया प्लान
बैठक में पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार कार्य की भी समीक्षा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि इसके पूरा होने के बाद पूरे कुमाऊं क्षेत्र की हवाई कनेक्टिविटी का नया रोडमैप तैयार किया जाए। उन्होंने केंद्र सरकार की उड़ान-2 योजना के तहत उत्तराखंड के लिए अधिक से अधिक नए हवाई रूट प्रस्तावित करने को भी कहा। क्यों अहम है यह योजना?
उत्तराखंड में सड़क मार्ग कई बार भूस्खलन और मौसम की वजह से प्रभावित होता है। ऐसे में मजबूत हवाई नेटवर्क बनने से पर्यटन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाओं और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। राज्य की अपनी एविएशन एकेडमी बनने से स्थानीय युवाओं को पायलट और एविएशन सेक्टर में प्रशिक्षण के नए अवसर भी मिलेंगे।
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