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रोहतक के एक प्राइवेट अस्पताल के बाहर मरीज के परिजनों ने हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों की तरफ से सिविल लाइन थाने में डॉक्टर के खिलाफ शिकायत भी दी गई है। वहीं, इस मामले में अस्पताल के डॉक्टर कोई बात नहीं कर रहे। मरीज के परिजन नितिन जांगड़ा ने बताया कि वह 30 जून को अपनी माता को लेकर प्राइवेट अस्पताल में आया था, जहां उनके कान के पीछे का छोटा सा ऑपरेशन होना था। अस्पताल में डॉक्टर भूषण कथूरिया ने कहा कि आधे घंटे का ऑपरेशन है, कल आ जाना। जब वह माता को लेकर अगले दिन अस्पताल गया तो वहां डॉ. भूषण नहीं मिला। नितिन जांगड़ा ने आरोप लगाया कि उसकी माता को 2 बजे ऑपरेशन थियेटर में लेकर गए, लेकिन रात 9 बजे तक उसकी माता को बाहर नहीं निकाला। जब उन्होंने पूछा कि अंदर क्या हो रहा है, उन्हें अपनी मां से मिलना है तो डॉक्टरों ने उन्हें अंदर जाने नहीं दिया। मां के चेहरे व घुटने पर लगी थी चोट
नितिन जांगड़ा ने बताया कि रात को जब ऑपरेशन थियेटर से उसकी मां को बाहर लेकर आए तो मां की नाक, ठोड्डी, घुटनों पर चोट लगी थी। साथ ही होंठों पर भी चोट लगी थी, जहां 4 से 5 टांके लगे हुए थे। ऑपरेशन तो कान का हुआ था, लेकिन चोट कैसे लगी। डॉक्टरों ने कहा, मरीज ने खुद को चोट मारी
नितिन ने बताया कि जब डॉक्टरों से चोट के बारे में पूछा तो डॉक्टरों ने कहा कि मरीज ने खुद ही चोट मार ली। जबकि मरीज को ऑपेरशन के लिए लेकर गए थे और बेहोशी का टीका भी लगाया हुआ था। आशंका है कि उनकी मां को नीचे गिराया गया है, जिसके कारण चोट लगी है। मुझे नहीं पता, चोट कैसे लगी
नितिन की मां ने बताया कि जब ऑपरेशन के लिए लेकर गए तो ठीक थी। इसके बाद बेहोशी का टीका लगाया। कुछ होश उन्हें रहा और अंदर देखा कि दो महिला डॉक्टर, एक नर्स व एक आदमी अंदर था। जबकि डॉ. भूषण कथूरिया ओटी में नहीं थे। कान का ऑपरेशन हुआ है, लेकिन अन्य चोट कैसे लगी, उन्हें नहीं पता। अस्पताल की मैनेजमेंट व पुलिस ने नहीं की बात
नितिन जांगड़ा की तरफ से ईलाज में लापरवाही को लेकर पुलिस को शिकायत दी गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामले में बात करने से इनकार कर दिया। वहीं अस्पताल की मैनेजमेंट ने भी इस मामले में कोई भी बात करने से मना कर दिया।
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रोहतक में प्राइवेट अस्पताल के बाहर हंगामा:ईलाज में लापरवाही का लगाया आरोप, सिविल लाइन थाने में दी शिकायत







