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यमुनानगर पुलिस ने पूर्व महिला सरपंच को किया गिरफ्तार:कृषि मंत्री के बेटे के कार्यक्रम में हुआ था विवाद, सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप




यमुनानगर जिले के थाना छप्पर क्षेत्र के गांव ऊंचा चंदना में करीब छह माह पहले मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा के कार्यक्रम के दौरान हुआ विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। इस मामले में पुलिस ने गांव दौलतपुर (मालियान) की बर्खास्त हो चुकी पूर्व महिला सरपंच पिंकी रानी को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ सरकारी कर्मचारी से मारपीट, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जान से मारने की धमकी देने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है। थाना छप्पर प्रभारी अजय ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पूर्व महिला सरपंच को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच जारी है। कार्यक्रम प्रबंधक अधिकारी का रोका था रास्ता यह पूरा विवाद 11 दिसंबर 2025 को गांव ऊंचा चंदना में आयोजित एक बैठक से शुरू हुआ था। उस दिन कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के पुत्र नेपाल राणा का कार्यक्रम था। हरियाणा राज्य आजीविका मिशन के खंड कार्यक्रम प्रबंधक देवेंद्र राणा वहां नव निर्माण महिला क्लस्टर लेवल भवन निर्माण से संबंधित प्रस्ताव रखने पहुंचे थे। देवेंद्र राणा का आरोप है कि बैठक के दौरान सरपंच पिंकी रानी ने उनका रास्ता रोक लिया, सरकारी कार्य में बाधा डाली, उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। शिकायत की जांच के बाद पुलिस ने करीब दो माह बाद 4 मार्च 2026 को सरपंच के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 126(2) और 351(2) के तहत केस दर्ज किया था। इसी मामले में अब उनकी गिरफ्तारी हुई है। सरपंच ने लगाए थे गला घोंटने के आरोप हालांकि इस विवाद की शुरुआत सरपंच पिंकी रानी की शिकायत से हुई थी। घटना वाले दिन ही उन्होंने आरोप लगाया था कि महिला मोर्चा की बैठक के दौरान देवेंद्र राणा बिना बुलाए पहुंचे और महिलाओं पर स्वयं सहायता समूह के पैसों के दुरुपयोग के आरोप लगाने लगे। विरोध करने पर देवेंद्र राणा ने जातिसूचक शब्द कहे, गाली-गलौज की, उनका गला पकड़ लिया और जान से मारने की धमकी दी। सरपंच का आरोप था कि वह अपनी जान बचाकर थाना छप्पर पहुंचीं, लेकिन कुछ देर बाद देवेंद्र राणा अपने साथ हरजीत कौर, रोमा, सुषमा, सुमन, प्रवीन सैनी और ममतेश को लेकर थाने पहुंच गया। वहां भी उनके साथ मारपीट की गई, गला दबाने की कोशिश की गई, थप्पड़ और मुक्के मारे गए तथा जातिसूचक शब्द बोले गए। पहले पुलिस ने देवेंद्र राणा के खिलाफ दर्ज किया केस उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस कर्मियों ने बीच-बचाव कर उन्हें हमलावरों से छुड़ाया। जाते समय उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी गई। मारपीट में घायल होने के बाद पुलिस ने सरपंच को मेडिकल के लिए मुस्तफाबाद सिविल अस्पताल भेजा था, लेकिन उस दिन डॉक्टरों की हड़ताल होने के कारण मेडिकल नहीं हो सका। बाद में मेडिकल करवाने की बात कही गई थी। सरपंच की शिकायत पर पुलिस ने देवेंद्र राणा समेत सात लोगों के खिलाफ दंगा, मारपीट, जान से मारने की धमकी और एससी/एसटी एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया था। चूंकि मामला अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़ा था, इसलिए जांच उच्च अधिकारी स्तर पर सौंपी गई थी। विवाद के करीब छह माह बाद गिरफ्तारी करीब दो माह बाद देवेंद्र राणा की शिकायत पर भी पुलिस ने सरपंच पिंकी रानी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद यह मामला दोनों पक्षों के बीच कानूनी लड़ाई में बदल गया। एक ओर सरपंच ने देवेंद्र राणा और उनके साथियों पर जातिसूचक शब्द बोलने, गला दबाने और थाने में मारपीट करने के आरोप लगाए, वहीं दूसरी ओर देवेंद्र राणा ने सरपंच पर सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाया। अब पुलिस ने देवेंद्र राणा की शिकायत पर दर्ज मामले में महिला सरपंच पिंकी रानी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना छप्पर प्रभारी अजय ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। दोनों मुकदमों में गवाहों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी और उसी के अनुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दो पदों का मानदेय लेने पर पद से हटाया था ग्राम पंचायत दौलतपुर मलियान की सरपंच पिंकी रानी को उपायुक्त ने जनवरी माह में पद से हटा दिया था। जांच में सामने आया था कि वह सरपंच रहते हुए आशा वर्कर के पद पर भी कार्य करती रहीं और दोनों पदों का मानदेय लेती रहीं। यह कार्रवाई हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की धारा 51(3) के तहत की गई। 27 अक्तूबर 2025 को ग्रामीणों की शिकायत पर हुई जांच में आरोप सही पाए गए थे। अधिकारियों के अनुसार पिंकी रानी ने चुनाव के बाद आशा वर्कर पद से विधिवत इस्तीफा नहीं दिया। कारण बताओ नोटिस और व्यक्तिगत सुनवाई के बावजूद वह संतोषजनक जवाब या दस्तावेज पेश नहीं कर सकीं।



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