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रोहतक की डी-पार्क मार्केट में फिर आग:डेंटल क्लीनिक में AC में ब्लास्ट हुआ; 10 दिन पहले तीन लोग जिंदा जले थे




रोहतक की डी-पार्क मार्केट में 10 दिन बाद एक बार फिर आग लग गई। शुक्रवार शाम मॉडल टाउन स्थित एक डेंटल क्लीनिक की छत पर लगे एसी के कंप्रेसर में ब्लास्ट होने से आग भड़क उठी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और समय रहते आग पर काबू पा लिया। 9 जून को इसी मार्केट में आग लगने से करीब 10 दुकानें जल गई थीं और तीन लोगों की मौत हो गई थी। शुक्रवार को जिस क्लीनिक की छत पर आग लगी, वह उस हादसे वाली दुकानों से महज 50 मीटर की दूरी पर है। सिलसिलेवार ढंग से जानिए कैसे लगी आग…. शाम 5 बजे लोगों ने धुआं निकलता देखा जानकारी के अनुसार, मॉडल टाउन निवासी डॉ. सागर का डी-पार्क मार्केट में डेंटल क्लीनिक है। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे क्लीनिक की छत पर लगे एसी का कंप्रेसर अचानक फट गया, जिससे आग लग गई। उस समय डॉ. समीर क्लीनिक में ही मौजूद थे। छत से धुआं उठता देख आसपास के लोगों ने उन्हें सूचना दी, जिसके बाद वे तुरंत बाहर निकल आए। पहले से ही मार्केट में थी फायर ब्रिगेड संयोग से 9 जून को जिस रोहतक शूज शोरूम से आग भड़की थी, उसकी छत पर भी शुक्रवार को धुआं और आग सुलगने की सूचना मिली थी। इसी वजह से फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी पहले से ही मार्केट में मौजूद थी। डेंटल क्लीनिक में आग लगने की सूचना मिलते ही टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। बाद में दो और दमकल वाहन बुलाए गए और आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पीवीसी बोर्ड तक नहीं पहुंची आग क्लीनिक के बाहर पीवीसी का बड़ा बोर्ड लगा हुआ था। यदि आग वहां तक पहुंच जाती तो आसपास की दुकानों में भी फैल सकती थी। 9 जून को हुए हादसे में भी आग पीवीसी बोर्ड तक पहुंचने के बाद तेजी से फैली थी। वहीं, मार्केट की तंग गलियों के कारण किसी बड़े हादसे की स्थिति में लोगों का सुरक्षित बाहर निकलना भी मुश्किल हो सकता था। 9 जून को तीन लोग जिंदा जले थे 9 जून को डी-पार्क मार्केट में आग लग गई थी। शुरुआती जांच में आग रोहतक शूज शोरूम में एसी से जुड़े शॉर्ट सर्किट या कंप्रेसर में खराबी के बाद लगने की आशंका जताई गई। देखते ही देखते आग ने आसपास की करीब 10 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि शोरूम मालिक समेत तीन लोग अंदर फंस गए और उनकी मौत हो गई। आग बुझाने के लिए रोहतक के अलावा आसपास के जिलों से भी दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं, जबकि SDRF और अन्य बचाव दलों ने कई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। इस हादसे में करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ था।



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