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गुरुग्राम पुलिस की रिटायर्ड मेजर परिवार से बदतमीजी,VIDEO:आधी रात सड़क पर डेढ़ घंटे खड़े रखा, रोती रहीं 2 मासूम बेटियां; धमकाया-तेरी अफसरगिरी मैं निकालता हूं




जम्मू कश्मीर में टेरेरिस्ट से लड़ते हुए दिव्यांग हुए गुरुग्राम के रिटायर्ड मेजर हेमेंद्र सिंह और उनके परिवार से दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। साइबर सिटी में वीकेंड पर ड्रिंक एंड ड्राइव चेकिंग के दौरान गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने हेमेंद्र के परिवार को आधी रात को डेढ़ घंटे तक सड़क पर खड़े रखा। हद तो तब हो गई जब री-टेस्ट में बेकसूर साबित होने के बाद भी पुलिस ने परिवार को जाने नहीं दिया। हेमेंद्र का आरोप है कि इस बदतमीजी से उनकी दोनों छोटी बेटियां (9 और 14 साल) बेहद डर गईं और काफी देर तक लगातार रोती रहीं, लेकिन पुलिसकर्मियों का दिल नहीं पसीजा। जब मेजर ने सच्चाई साबित करने के लिए अल्कोहल मशीन पर आई सुरक्षित रीडिंग (13 mg/100 ml) की फोटो खींचने की कोशिश की, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें मोबाइल से तस्वीर लेने से जबरन रोक दिया। एक पुलिसकर्मी ने धमकी देकर कहा- तेरी अफसरगिरी मैं निकालता हूं। स्थिति को बिगड़ती देख उनकी पत्नी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘112’ पर कॉल कर मदद मांगी, तो पकड़े जाने के डर से वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गए। मेजर ने इस प्रताड़ना के खिलाफ पुलिस कमिश्नर को लिखित शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है। मामला सैन्य अफसर से जुड़ा होने के कारण जांच एसीपी ट्रैफिक ईस्ट को सौंपी गई है। रिटायर्ड मेजर ने पुलिस पर इस तरह लगाए आरोप… 112 पर कॉल कर मदद मांगी तो पुलिसकर्मी भागे प्रताड़ना से तंग आकर उनकी पत्नी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर ‘112’ पर कॉल कर पुलिस कर्मियों की करतूत की जानकारी दी। इसका पता चलते ही चेकिंग कर रहे ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके से गाड़ी लेकर फरार हो गए। पीड़ित का कहना है कि वे सेना के नाम पर किसी विशेष रियायत या वीआईपी ट्रीटमेंट की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि एक नागरिक के रूप में गरिमा, निष्पक्षता और कानून की सही प्रक्रिया की मांग कर रहे हैं। जांच एसीपी ट्रैफिक ईस्ट को सौंपी गई दरअसल, गुरुग्राम में नए पुलिस कमिश्नर ने सख्त आदेश दे रखें हैं कि अगर कार में बच्चे, महिला और बुजुर्ग हैं, तो उन्हें बेवजह रोका नहीं जाएगा। इसके बाद भी पुलिसकर्मियों ने उनके आदेशों का उल्लंघन किया। इस संबंध में एसीपी ट्रैफिक हेडक्वार्टर सत्यपाल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच एसीपी ट्रैफिक ईस्ट को सौंपी गई है। मामले की निष्पक्षता से जांच करवाई जा रही है। जो भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



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