एसआई गुरविंदर सिंह, जिनको रानियां थाना प्रभारी से लाइन हाजिर किया गया।
सिरसा में रानियां थाना प्रभारी (SHO) गुरविन्द्र सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अब उनकी जगह एडिशनल एसएचओ एसआई मल सिंह को कार्यभार सौंपा गया है। स्थायी थाना प्रभारी की नियुक्ति के आदेश जारी नहीं हुए हैं। ये कार्रवाई आज आज सोमवार को सिरसा एसपी की ओर
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सूत्रों की मानें तो यह मामला रानियां हलके में संत नगर में नशे से हुई मौत से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि संत नगर में एक युवक की नशे से मौत हो गई थी। इसी मामले में परिजनों की ओर से सीएम ऑफिस में शिकायत भेजी गई थी, जिस पर संज्ञान लेते हुए ये कार्रवाई की गई।
जानकारी के अनुसार, उस समय परिजनों की ओर से मृतक के बारे में न सूचना दी गई और न ही पोस्टमार्टम करवाया गया। आरोप ये है कि युवक की नशे की ओवरडोज से मौत हुई है। इस बारे में परिजनों ने बाद में चर्चा की तो यह मामला सरकार तक जा पहुंचा।
वहीं, पुलिस का कहना है कि पहले मृतक के परिवार की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई। अगर सूचना मिलती तो कार्रवाई करते। अब एसआई गुरविंदर सिंह को लाइन हाजिर कर दिया।

रानियां में मृतकों के घर सांत्वना देने पहुंचे एसपी दीपक सहारन। साथ में पग पहने थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह। फाइल फोटो।
गुरविंदर सिंह को नया एसएचओ बनाया
रानियां एरिया में पहले भी नशे से कई युवाओं की मौत हो चुकी है। पिछले साल दो युवकों की नशे से मौत हुई थी। इस मामले में रानियां थाना के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया था और गुरविंदर सिंह को नया एसएचओ लगाया गया था। इसी के चलते बाद में सिरसा के तत्कालीन एसपी डॉ. मयंक गुप्ता का भी तबादला कर दिया था। इस बीच सिरसा एसपी का कार्यभार संभालने के बाद आईपीएस दीपक सहारन ने मृतकों के घर जाकर जायजा लिया था।
अब ये सवाल उठ रहे
अब बड़ा सवाल ये है कि क्या किसी पुलिस अधिकारी को सस्पेंड करना या लाइनहाजिर करने से नशा रुक जाएगा। क्योंकि हर बार ऐसा ही होता है, धरातल पर असर कम। इसमें सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठे हैं। कई बार लोग भी नशे से मृत्यु होने पर बदनामी या लोकलाज के डर से बयान दर्ज नहीं करवाते। मृतक के परिवार से बात की तो बताया पहले लोकलाज के डर से शिकायत नहीं दी। बाद में किसी जानकार के कहने पर शिकायत की है।







