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चंडीगढ़ में सीएम मान का केंद्र सरकार पर हमला:कहा- 2017 से अब तक 93 पेपर लीक, युवाओं का भरोसा टूट रहा




पंजाब सरकार के मिशन रोजगार के तहत आज सीएम भगवंत मान ने चंडीगढ़ में विभिन्न विभागों में भर्ती 335 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। वहीं, इस प्रोग्राम में जहां उन्होंने अपनी सरकार को सहारा, जबकि केंद्र पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में एक अलग ही स्थिति बनी हुई है। केंद्र सरकार से एक नीट परीक्षा तक सही तरीके से नहीं करवाई जा रही। वर्ष 2017 से अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक होने का मतलब है किसी युवा का सपना टूट जाना। छात्र लगातार पढ़ाई करते रहते हैं, यह सोचकर कि शायद यही किताब उनकी जिंदगी बदल देगी और उनके परिवार का भविष्य बेहतर बना देगी। लेकिन अचानक पता चलता है कि परीक्षा से एक रात पहले ही कोई अमीर व्यक्ति पैसे देकर पेपर खरीद चुका था। ऐसे में मेहनत और पढ़ाई का मूल्य खत्म हो जाता है और युवाओं का मनोबल टूट जाता है। दूसरी ओर, पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। पंजाब में इस अवधि में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ। अब तीन पाइंट में जानिए सीएम ने क्या कहा – पंजाब में 2022 से पारदर्शी तरीके से हुई भर्ती : सबसे अच्छी बात यह रही कि 2022 से लेकर अब तक जितनी भी भर्तियों की परीक्षाएं हुई हैं, चाहे क्लर्कों की हों, डीएसपी की हों, पटवारियों की हों, कानूनगो की हों, ड्रग इंस्पेक्टरों की हों, डॉक्टरों और नर्सों की हों, लाइनमैनों की हों या किसी भी विभाग की हों, सभी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित की गईं। उनके परिणाम भी पारदर्शी तरीके से घोषित किए गए। परिणाम आने के बाद उम्मीदवारों को उनके घर या व्हाट्सएप पर सरकार की ओर से संदेश भेजा गया कि, “आइए, आपकी कुर्सी आपका इंतजार कर रही है। आपके इतने अंक आए हैं।” एक नीट परीक्षा सही तरीके से नहीं करवा पा रहे है : आज पूरे देश में एक अलग ही स्थिति बनी हुई है। केंद्र सरकार से एक नीट परीक्षा तक सही तरीके से नहीं करवाई जा रही। वर्ष 2017 से अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं। पेपर लीक होने का मतलब है किसी युवा का सपना टूट जाना। छात्र लगातार पढ़ाई करते रहते हैं, यह सोचकर कि शायद यही किताब उनकी जिंदगी बदल देगी और उनके परिवार का भविष्य बेहतर बना देगी। लेकिन अचानक पता चलता है कि परीक्षा से एक रात पहले ही कोई अमीर व्यक्ति पैसे देकर पेपर खरीद चुका था। ऐसे में मेहनत और पढ़ाई का मूल्य खत्म हो जाता है और युवाओं का मनोबल टूट जाता है। परीक्षा लीक होने से छात्रों का भरोसा टूटता है:देश के युवा इस बात से बेहद दुखी हैं कि केंद्र सरकार की परीक्षाओं के लिए फीस भरने, दूर-दराज के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने और भारी खर्च करने के बावजूद बाद में पता चलता है कि पेपर लीक हो गया, परीक्षा रद्द हो गई या परिणाम रद्द कर दिए गए। इससे युवाओं का भरोसा टूटता है।आज नीट परीक्षा को लेकर युवाओं में काफी रोष है। उनकी मांग है कि कम से कम एक परीक्षा तो पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ करवाई जाए। दूसरी ओर, पंजाब में पिछले साढ़े चार वर्षों के दौरान ऐसी कोई घटना सामने नहीं आई है। पंजाब में इस अवधि में किसी भी भर्ती परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ।



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