हरियाणा सरकार के शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने 48 कोस क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की निगरानी के लिए गठित समिति का पुनर्गठन कर दिया है। मुख्यमंत्री एवं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष की मंजूरी के बाद यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। रविंद्र सांगवान की अध्यक्षता में “48 कोस समिति फॉर मॉनिटरिंग ऑफ डेवलपमेंट वर्क्स” का दोबारा गठन किया गया है। यह समिति 48 कोस क्षेत्र में विभिन्न विभागों द्वारा कराए जा रहे विकास कार्यों की समीक्षा, समन्वय और निगरानी का कार्य करेगी। सरकार की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इससे पहले 26 जून 2023 को गठित समिति तथा 30 सितंबर 2025 को जारी आदेश को निरस्त करते हुए नई समिति का गठन किया गया है। समिति में ये अधिकारी शामिल समिति में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को आधिकारिक सदस्य बनाया गया है। इनमें कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (भवन एवं सड़क) के संबंधित जिलों के कार्यकारी अभियंता, पंचायती राज विभाग के कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग (विद्युत शाखा) के कार्यकारी अभियंता तथा हरियाणा के मुख्य वास्तुकार के प्रतिनिधि को शामिल किया गया है। चार गैर-सरकारी सदस्य भी बनाए समिति में समाज के विभिन्न वर्गों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए चार गैर-सरकारी सदस्यों को भी नामित किया गया है। इनमें बी.बी. मित्तल (पानीपत), सुशील राणा (कुरुक्षेत्र), रामधारी शर्मा (पिहोवा, कुरुक्षेत्र) और कृष्ण कुमार (जींद) शामिल हैं। विकास कार्यों पर रखेंगे नजर सरकार का मानना है कि समिति के पुनर्गठन से 48 कोस धार्मिक और ऐतिहासिक क्षेत्र में चल रही विकास परियोजनाओं की निगरानी अधिक प्रभावी होगी। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित होने के साथ-साथ कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।
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48 कोस विकास कार्यों की निगरानी समिति का पुनर्गठन:कुरुक्षेत्र के BJP नेता रविंद्र सांगवान बने चेयरमैन, पानीपत-जींद के 4 गैर-सरकारी सदस्य भी बनाए
