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सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की PNDT टीम ने भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के नागल ब्लॉक स्थित सोमवाल नर्सिंग होम में छापा मारा। इस दौरान एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त की गई और कथित दलालों से चिन्हित नकदी भी बरामद हुई। कार्रवाई के दौरान टीम को भारी विरोध, धमकियों और भीड़ के दबाव का सामना करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि स्थानीय लोगों और भारतीय किसान यूनियन से जुड़े कुछ व्यक्तियों ने कार्रवाई को बाधित करने का प्रयास किया। वहीं पूरी कार्रवाई के बाद भी अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पानीपत के दलाल यामिन खान पर मिली थी सूचना स्वास्थ्य विभाग को लगातार सूचना मिल रही थी कि पानीपत निवासी यामिन खान गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाने का काम कर रहा है। शिकायतों के आधार पर सिविल सर्जन डॉ. अनुराधा जैन के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में PNDT नोडल अधिकारी डॉ. योगेश दहिया, डॉ. दीपक कौशिक और मेडिकल ऑफिसर डॉ. दीपक शर्मा को शामिल किया गया। 30 हजार ऑनलाइन और 22 हजार नकद की मांग टीम ने यामिन खान से संपर्क कर भ्रूण लिंग जांच कराने की बात कही। आरोप है कि यामिन ने 30 हजार रुपये ऑनलाइन अपने खाते में जमा करवाने और 20 से 25 हजार रुपये नकद साथ लाने को कहा। 22 जून को टीम ने उसके खाते में 30 हजार रुपये जमा करवा दिए। इसके बाद उसने अगले दिन सुबह पानीपत बस स्टैंड पहुंचने के निर्देश दिए। नर्सिंग होम तक कैसे पहुंची टीम गर्भवती महिला को लेकर सहारनपुर पहुंचा दलाल: 23 जून की सुबह टीम एक गर्भवती महिला और महिला सहायक को लेकर पानीपत बस स्टैंड पहुंची। यहां यामिन खान ने महिला से 22 हजार रुपये नकद लिए और उसे सहारनपुर जिले के नागल क्षेत्र में लेकर गया। टीम लगातार गुप्त रूप से उसका पीछा करती रही और सहारनपुर सीमा में प्रवेश करते ही स्थानीय प्रशासन को सूचना दे दी गई। नागल पहुंचने के बाद सलेलता नामक महिला दलाल और अंकित नामक पुरुष दलाल ने गर्भवती महिला को रेलवे रोड स्थित सोमवाल नर्सिंग होम पहुंचाया। वहां महिला को डॉ. अर्चना सोमवाल के पास ले जाया गया। BAMS डॉक्टर पर अवैध अल्ट्रासाउंड करने का आरोप: स्वास्थ्य विभाग के अनुसार डॉ. अर्चना सोमवाल, जो BAMS चिकित्सक हैं, ने नर्सिंग होम में रखी एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से महिला की जांच की। इसके बाद उसे सामने स्थित एक अन्य अल्ट्रासाउंड सेंटर भेज दिया गया। इसी दौरान मिथ्या ग्राहक ने बाहर आकर टीम को अंदर मौजूद पोर्टेबल मशीन और हुई जांच की जानकारी दी। संयुक्त कार्रवाई में अवैध मशीन बरामद: सूचना मिलने पर सहारनपुर स्वास्थ्य विभाग, ड्यूटी मजिस्ट्रेट अवधेश कुमार और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। संयुक्त कार्रवाई में नर्सिंग होम के अंदर एक अवैध पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन चालू हालत में मिली। टीम का दावा है कि मशीन से संबंधित कोई वैध दस्तावेज मौके पर प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके अलावा एक अन्य अल्ट्रासाउंड मशीन पहले से सील अवस्था में मिली। दलालों से बरामद हुई चिन्हित नकदी: कार्रवाई के दौरान महिला दलाल सलेलता से 10 हजार रुपये तथा यामिन खान से 11,500 रुपये बरामद किए गए। नोटों के नंबरों का मिलान करने पर वे पहले से तैयार सूची में दर्ज नोटों से मेल खाते पाए गए। कार्रवाई की भनक लगते ही आसपास के कई अल्ट्रासाउंड केंद्र बंद हो गए। टीम ने खुद को कमरों में किया बंद: स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान दर्जनों स्थानीय लोग नर्सिंग होम में घुस गए। इनमें कई लोगों ने खुद को भारतीय किसान यूनियन से जुड़ा बताया। भीड़ ने टीम पर दबाव बनाने, जांच रोकने और जब्त मशीन तथा आरोपियों को छुड़ाने का प्रयास किया। हालात बिगड़ने पर टीम के सदस्यों ने अपनी सुरक्षा के लिए खुद को कमरों में बंद कर लिया। दरवाजे तोड़ने का प्रयास, धरने पर बैठे लोग: टीम के अनुसार भीड़ ने उन कमरों के दरवाजों पर लातें मारकर तोड़ने की कोशिश की जिनमें अधिकारी, जब्त मशीन और पकड़े गए आरोपी मौजूद थे। नर्सिंग होम परिसर में धरना भी दिया गया। इसके बाद सोनीपत PNDT टीम ने स्थानीय प्रशासन से अतिरिक्त सुरक्षा की मांग की। किसान यूनियन नेता के रिश्तेदार होने का दावा स्थानीय लोगों ने टीम को बताया कि डॉ. अर्चना सोमवाल भारतीय किसान यूनियन के एक पदाधिकारी चौधरी विनय कुमार की भाभी हैं। स्वास्थ्य विभाग का आरोप है कि इसी कारण कुछ लोगों ने उनके खिलाफ कार्रवाई रुकवाने के प्रयास किए और टीम पर दबाव बनाया। आरोपियों को छुड़वाने की कोशिश की 5 बातें… गाड़ियों की चाबियां छीनी, मारने की धमकी: टीम का आरोप है कि कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग की गाड़ियों की चाबियां छीन ली गईं। अधिकारियों के साथ अभद्र व्यवहार किया गया और दोबारा क्षेत्र में आने पर जान से मारने की धमकियां भी दी गईं। भारी पुलिस बल पहुंचने के बाद ही टीम को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश: जब पुलिस टीम आरोपियों और जब्त मशीन को लेकर थाने जा रही थी तब भी भीड़ ने सरकारी वाहन रोककर आरोपियों को उतारने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस सुरक्षा के बीच टीम और बरामद सामान को थाने पहुंचाया गया। एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उठे सवाल: संयुक्त टीम ने थाने पहुंचकर सभी आवश्यक दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की और बरामद मशीन व नकदी को सील किया। इसके बावजूद स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के PNDT नोडल अधिकारी ने कथित तौर पर एफआईआर दर्ज कराने से इनकार कर दिया। टीम का कहना है कि उन्हें बताया गया कि उच्च अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय प्रशासन की ओर से मामला दर्ज नहीं कराया जाएगा। जिलाधिकारी से मिलने की कोशिश बेनतीजा: इसके बाद सोनीपत की टीम सहारनपुर के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान के आवास पर पहुंची और मुलाकात का समय मांगा। टीम करीब 20 मिनट तक आवास के बाहर इंतजार करती रही, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। देर रात सुरक्षा कारणों से टीम को वापस सोनीपत लौटना पड़ा। अब तक एफआईआर दर्ज होने की सूचना नहीं: स्वास्थ्य विभाग की टीम का कहना है कि पूरी कार्रवाई के बाद भी अब तक मामले में एफआईआर दर्ज होने संबंधी कोई सूचना उन्हें प्राप्त नहीं हुई है। ऐसे में अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ की गई इस बड़ी कार्रवाई के बाद कई सवाल अनुत्तरित बने हुए हैं।
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30 हजार में लिंग जांच का भंडाफोड़:सोनीपत स्वास्थ्य विभाग की सहारनपुर में रेड, अवैध अल्ट्रासाउंड मशीन जब्त; टीम पर हमला







