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पंजाब पुलिस के 4 सालों में किए 35 एनकाउंटर सवालों के घेरे में आ गए हैं। पंजाब मानवाधिकार संगठन (PHRO) ने मानवाधिकार आयोग को शिकायत कर कहा कि कई एनकाउंटर के मामलों में पुलिस की कहानी लगभग एक जैसी होती है। जिसमें आरोपी को गिरफ्तारी के बाद हथियार या नशा बरामदगी के लिए ले गए, वहां एनकाउंटर हो गया। कहीं पुलिसवालों की हत्या करने वालों का एनकाउंटर किया गया। शिकायत में कहा गया कि ऐसे मामलों को पुलिस कोर्ट में पहुंचने से पहले निपटाने की कोशिश कर रही है। पंजाब मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में DGP से रिपोर्ट तलब की है। इसकी सुनवाई 30 जून को होनी है। संगठन ने इस मामले में 35 एनकाउंटरों की जानकारी दी है, दैनिक भास्कर ने उनमें से 10 एनकाउंटरों की लिस्ट निकालकर उनके पैटर्न जानने की कोशिश की, इनमें क्या समानता, ये जानने के लिए पढ़िए पूरी रिपोर्ट:- पैटर्न-1: बरामदगी के लिए ले गए, वहां एनकाउंटर हुआ पैटर्न-2: पुलिसवाले की हत्या-हमले के आरोपियों का एनकाउंटर पैटर्न -3: सरेंडर के लिए कहा, फायरिंग की तो सेल्फ डिफेंस में गोलियां चलाईं शिकायत में क्या, 3 पॉइंट में पढ़िए…
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पंजाब पुलिस के 35 एनकाउंटर सवालों के घेरे में:10 एनकाउंटरों में एक जैसे पैटर्न, गिरफ्तारी-बरामदगी और फिर मुठभेड़ वाले ज्यादा मामले







