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3 साल पहले बने QAA की पहली ऑडिट रिपोर्ट:64 प्रोजेक्ट में गड़बड़ी पकड़ी; CM सैनी इन्फोर्समेंट पावर देंगे, अब इंजीनियर भी जिम्मेदार होंगे




2023 में बने क्वालिटी एशोरेंस अथॉरिटी (QAA) ने सरकार को अपनी पहली ऑडिट रिपोर्ट दे दी है। रिपोर्ट में सरकार के कई विभागों के 64 प्रोजेक्ट में गड़बड़ी मिली है। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा में अब सड़क टूटने या भवन में खामी मिलने पर सिर्फ ठेकेदार नहीं, निगरानी करने वाले इंजीनियर भी जवाबदेह होंगे। QAA ने साफ संकेत दे दिया है कि सरकारी निर्माण कार्यों में ‘क्वालिटी ऑडिट’ अब औपचारिकता नहीं, बल्कि दंडात्मक व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है। फिलहाल QAA एक सरकारी अधिसूचना के आधार पर काम कर रहा है। इसे कानूनी ताकत देने के लिए QAA एक्ट का मसौदा सरकार को भेजा गया है। अगर यह कानून बनता है तो प्राधिकरण को और अधिक प्रवर्तन शक्तियां मिल सकती हैं और गुणवत्ता संबंधी मामलों में उसकी भूमिका और मजबूत हो जाएगी। यहां डिटेल में पढ़िए क्या है QAA, क्यों हुआ गठन? 1. मनोहर लाल खट्‌टर ने किया गठन: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की बीजेपी सरकार ने अप्रैल 2023 में गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण यानी QAA का गठन किया था। इसके पीछे सबसे बड़ा कारण यह था कि अलग-अलग विभाग अपने-अपने मानकों पर काम कर रहे थे और परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच भी खुद ही करते थे। 2. DPR-डिजाइन में खामियां: सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि डीपीआर और डिजाइन में खामियां रहती हैं। निर्माण के दौरान गुणवत्ता नियंत्रण कमजोर रहता है। कई परियोजनाएं समय से पहले खराब होने लगती हैं। रखरखाव और दस्तावेजीकरण में भी कमी रहती है। इसी वजह से एक स्वतंत्र संस्था बनाई गई, जो विभागों से अलग रहकर तकनीकी ऑडिट करे और जवाबदेही तय करे। एक कमरे से शुरू हुआ था सफर जुलाई 2023 में QAA ने पंचकूला के योजना भवन में एक छोटे से कार्यालय से काम शुरू किया था। उस समय न तो पर्याप्त स्टाफ था और न ही कोई स्थापित ढांचा। पूर्व आईएएस अधिकारी राजीव अरोड़ा को इसका पहला अध्यक्ष बनाया गया। शुरुआती दौर में सेवानिवृत्त इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से निरीक्षण और ऑडिट का ढांचा तैयार किया गया। कैसे काम करता है QAA? QAA ने हर विभाग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग मेथैड्स एंड प्रोसिजर्स (SOMP) तैयार किए हैं। इनमें तय किया गया है कि, परियोजना की योजना कैसे बनेगी। डिजाइन के मानक क्या होंगे। किस गुणवत्ता की सामग्री इस्तेमाल होगी। निर्माण और रखरखाव की निगरानी कैसे होगी।
मई 2025 में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इन एसओएमपी का औपचारिक शुभारंभ किया था। विभाग अपनी मर्जी से सलाहकार नहीं चुन सकते QAA ने DPR और डिजाइन तैयार करने वाली एजेंसियों का पैनल भी बनाया है। अब विभाग किसी भी सलाहकार को सीधे नियुक्त नहीं कर सकते। उन्हें QAA के पैनल में शामिल एजेंसियों में से ही चयन करना होगा। साथ ही कई परियोजनाओं में थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और ऑडिट एजेंसियों की नियुक्ति भी अनिवार्य कर दी गई है। ऑडिट रिपोर्ट पर क्या हुआ एक्शन मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऑडिट रिपोर्ट आने के बाद छह इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है, कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी हुए और एक ठेकेदार के खिलाफ रिकवरी की कार्रवाई शुरू कर दी गई। यह कार्रवाई 64 सरकारी परियोजनाओं के ऑडिट के बाद हुई, जिसमें निर्माण गुणवत्ता और निगरानी में गंभीर कमियां सामने आई थीं। इन पर गिरी गाज लोक निर्माण विभाग (BR) के जूनियर इंजीनियर दीपक मलिक और सचिन तथा उप मंडल अभियंता दिलबाग मेहरा को निलंबित किया गया है। विकास एवं पंचायत विभाग के जूनियर इंजीनियर रमेश चंद और राजेश चौहान पर भी कार्रवाई हुई है। निलंबित अधिकारियों में एक कार्यकारी अभियंता भी शामिल है। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के एक ठेकेदार के खिलाफ रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य विभागों ने भी अपनी स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है। क्या बोले QAA के अधिकारी सरकार के इस कदम को सिर्फ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। अब तक अधिकांश विभाग अपने ही कार्यों की जांच करते थे, लेकिन QAA के आने के बाद पहली बार स्वतंत्र तकनीकी ऑडिट के आधार पर कार्रवाई हो रही है। यानी सड़क खराब बनी तो सिर्फ ठेकेदार नहीं, उसकी निगरानी करने वाले इंजीनियर भी जवाबदेह होंगे।



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