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20 MPs, MLAs Exit; 1 Remains Raghav Chadha Controversy


आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद राघव चड्‌ढा आज (24 अप्रैल) अपने दो साथी सांसदों के साथ BJP में शामिल हो गए। उन्होंने कहा कि हमारे साथ AAP के सात सांसदों ने पार्टी छोड़ी है। इनमें से 6 सांसद पंजाब से हैं।

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राघव चड्‌ढा AAP को छोड़ने वाले इकलौते या पहले नेता नहीं हैं। AAP की स्थापना से लेकर अब तक अरविंद केजरीवाल से विवाद होने के चलते 35 बड़े चेहरे इस पार्टी से किनारा कर चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा 20 नेता पंजाब से ताल्लुक रखते हैं। AAP छोड़ने वाले अन्य प्रमुख चेहरों में कवि कुमार विश्वास, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण शामिल हैं।

आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले पंजाब के प्रमुख नेताओं में सुच्चा सिंह छोटेपुर, एडवोकेट एचएस फूलका व गुरप्रीत घुग्गी शामिल हैं। AAP ने पंजाब से अपने दो सिटिंग लोकसभा सदस्यों धर्मवीर गांधी और हरिंदर सिंह खालसा को भी पार्टी से निकाल दिया था। उसके बाद धर्मवीर गांधी कांग्रेस में चले गए और 2024 में दोबारा सांसद चुने गए।

यही नहीं AAP ने पंजाब में अपने कई सिटिंग एमएलए को भी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया या विधायकों ने खुद पार्टी छोड़ दी। सुखपाल खैहरा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष थे, जब उन्हें AAP से निकाला गया। एडवोकेट फूलका ने भी LOP रहते हुए पार्टी छोड़ी। कुछ दिन पहले वह भी BJP में शामिल हो गए। कुमार विश्वास अकेले ऐसे शख्स हैं जिन्होंने न इस्तीफा दिया और न पार्टी ने कभी उन्हें निकालने की बात कही।

आम आदमी पार्टी (AAP) का गठन 26 नवंबर 2012 को हुआ। तब से लेकर 2026 तक किस नेता को क्यों निकाला गया या फिर किसने पार्टी से क्यों दूरी बनाई, ये जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट…

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई।

1. योगेंद्र यादव

पद : संस्थापक सदस्य, AAP की पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य।

कारण: योगेंद्र यादव ने पार्टी के अंदर अनुशासन न होने के अलावा केजरीवाल पर तानाशाही और टिकट वितरण में अनियमितताओं का आरोप लगाया। इस पर पार्टी ने उन्हें 21 अप्रैल 2015 को निकाल दिया।

2.प्रशांत भूषण

पद: संस्थापक सदस्य, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी (PAC) के सदस्य, वरिष्ठ वकील।

कारण: प्रशांत भूषण को भी अप्रैल 2015 में योगेंद्र यादव के साथ ही पार्टी से निकाला गया। प्रशांत भूषण ने भी तानाशाही और टिकट वितरण में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

3. स्वाति मालीवाल

पद: राज्यसभा सांसद, दिल्ली महिला आयोग पूर्व अध्यक्ष

कारण: स्वाति मालीवाल लगातार आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल पर सवाल उठाती रहीं है। उन्होंने 2024 में आरोप लगाया कि जब वह केजरीवाल से मिलने उनकी कोठी में गईं तो केजरीवाल ने अपने सहयोगी विभव कुमार से उन्हें पिटवाया। उन्होंने केजरीवाल के जेल जाने पर दिल्ली की सीएम बनी आतिशी को डमी सीएम बताया।

4. कुमार विश्वास

पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य, प्रमुख प्रवक्ता और कवि।

कारण: कुमार विश्वास AAP का प्रमुख चेहरा रहे। वह केजरीवाल के सबसे नजदीकी लोगों में गिने जाते थे। जब दिल्ली से राज्यसभा भेजने के लिए उन्हें नहीं चुना गया तो उन्होंने केजरीवाल का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने केजरीवाल की कार्यशैली पर सवाल उठाए। हालांकि वह कहते रहे हैं कि उन्होंने न इस्तीफा दिया और न कभी उन्हें निकाला गया।

5. शाजिया इल्मी

पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय स्तर की नेता, 2014 में लोकसभा उम्मीदवार रहीं।

कारण: शाजिया इल्मी ने मई 2014 में AAP के अंदर आंतरिक लोकतंत्र की कमी, कुछ लोगों द्वारा पूरी पार्टी को चलाने और इसके मूल मूल्यों से भटकने का आरोप लगाया। इसके बाद उन्होंने खुद पार्टी छोड़ दी।

6. कैप्टन जी.आर. गोपीनाथ

पद: संस्थापक सदस्य, प्रमुख राष्ट्रीय नेता।

कारण: गोपीनाथ ने पार्टी नेताओं पर आरोप लगाया कि कोर लीडरशिप कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर रही है। मई 2014 में उन्होंने खुद पार्टी छोड़ने का ऐलान किया।

7. आनंद कुमार

पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, संस्थापक सदस्य।

कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने के आरोप में योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण के साथ आनंद कुमार को भी निकाला गया। आनंद कुमार ने खुलकर अरविंद केजरीवाल की खिलाफत की थी।

8. अजीत झा

पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।

कारण: अप्रैल 2015 में इन्हें भी पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण बाहर का रास्ता दिखाया। इन्होंने भी पार्टी में तानाशाही का विरोध किया था और कहा था कि पार्टी अपने मूल सिद्धांतों से भटक रही है।

9. मयंक गांधी

पद: संस्थापक सदस्य, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख।

कारण: मयंक गांधी AAP की महाराष्ट्र इकाई के प्रमुख थे। 2015 में केजरीवाल ने महाराष्ट्र यूनिट भंग कर दी जिससे नाराज होकर मयंक ने पार्टी छोड़ दी।

10. अंजलि दामनिया

पद: महाराष्ट्र यूनिट प्रमुख, राष्ट्रीय स्तर की नेता।

कारण: अंजलि दामनिया ने केजरीवाल पर हॉर्स ट्रेडिंग यानि कांग्रेस विधायकों को अपने साथ मिलाने के आरोप लगाए। केजरीवाल से मतभेद बढ़ने पर मार्च 2015 में उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

11. कपिल मिश्रा

पद: केजरीवाल सरकार में मंत्री, रहे करावल नगर से MLA

कारण: कपिल मिश्रा के केजरीवाल के करीबी कहे जाने वाले सत्येंद्र जैन के साथ मतभेद हो गए थे। इसके बाद केजरीवाल ने उन्हें कैबिनेट से हटा दिया। उन्होंने केजरीवाल व सत्येंद्र जैन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए तो पार्टी ने उन्हें बाहर निकाल दिया।

12. अलका लांबा

पद: चांदनी चौक से 2015 में MLA बनी, दिल्ली इकाई का प्रमुख महिला चेहरा

कारण: अलका लांबा ने राजीव गांधी पर AAP के प्रस्ताव का विरोध किया और पार्टी की कार्यशैली के बारे में कहा कि अब यह खास आदमी पार्टी बन गई है। उन्होंने सितंबर 2019 में AAP से इस्तीफा देकर कांग्रेस जॉइन कर ली।

13. आशुतोष

पद: प्रमुख प्रवक्ता, पत्रकार से राजनेता बने, कभी केजरीवाल के करीबी रहे।

कारण: आशुतोष दिल्ली से राज्यसभा जाना चाहते थे लेकिन पार्टी ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने 2018 में व्यक्तिगत कारणों का हवाला देकर पार्टी छोड़ दी। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी लीडरशिप से मतभेद की बात स्वीकार की।

14. अशोक अग्रवाल

पद: राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य।

कारण: अशोक अग्रवाल पार्टी के संस्थापक सदस्यों में थे। 2014 में उन्होंने पार्टी नेतृत्व की मनमानी पर सवाल उठाए और AAP को प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बताते हुए खुद ही पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

15. इलियास आजमी

पद: संस्थापक सदस्य, पूर्व सांसद।

कारण: इलियास आजमी ने पार्टी में केजरीवाल की तानाशाही और आंतरिक लोकतंत्र की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने 2016 में पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

16. नवीन जयहिंद

पद: आम आदमी पार्टी (AAP) की हरियाणा इकाई के अध्यक्ष रहे।

कारण : पार्टी की कार्यशैली और नेतृत्व से मतभेद हो गए। जयहिंद ने आरोप लगाया कि AAP अब आम आदमी की पार्टी नहीं रही, बल्कि एक परिवार या छोटे गिरोह के एकाधिकार वाली पार्टी बन गई है। उन्होंने 2022 में पार्टी छोड़ दी।

17. डॉ. धर्मवीर गांधी

पद: 2014 के लोकसभा चुनाव में पटियाला से सांसद बने, पार्टी संसदीय दल के नेता रहे।

कारण: योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण का समर्थन करना, उनकी बर्खास्तगी पर विरोध करना और राष्ट्रीय परिषद की बैठक से वॉकआउट इनके पार्टी से बाहर होने की वजह बने। AAP ने इन पर पार्टी में समानांतर संगठन बनाने और BJP-SAD से हाथ मिलाने का आरोप लगाया। अप्रैल-2015 में इन्हें संसदीय दल के नेता पद से हटाया। 29 अगस्त 2015 को प्राथमिक सदस्यता सस्पेंड कर दी। बाद में गांधी ने कांग्रेस जॉइन कर ली।

18. प्रणब राय

पद : पंजाब यूनिट के पूर्व स्टेट डिसिप्लिनरी कमेटी सदस्य, एडवोकेट और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक।

कारण: प्रणब राय पर पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता का आरोप लगा। AAP ने इन्हें सितंबर 2015 में सस्पेंड किया। राय ने अक्टूबर 2015 में औपचारिक रूप से पार्टी छोड़कर अपना नया फ्रंट बना लिया।

19. हरिंदर सिंह खालसा

पद: 2014 लोकसभा चुनाव में फतेहगढ़ साहिब से सांसद बने।

कारण: डॉ. धर्मवीर गांधी के साथ मिलकर पार्टी विरोधी गतिविधियां चलाने और समानांतर संगठन बनाने का आरोप लगा। पार्टी ने 29 अगस्त 2015 को गांधी के साथ इन्हें प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया।

20. सुच्चा सिंह छोटेपुर

पद: AAP की पंजाब इकाई के कन्वीनर (स्टेट चीफ)।

कारण: टिकट बांटने के बदले रिश्वत लेने का आरोप लगा। एक स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सामने आया, जिसमें 60 लाख की मांग और 26 लाख पर सेटलमेंट का जिक्र हुआ। पार्टी ने जांच कमेटी बनाकर अगस्त 2016 में पंजाब कन्वीनर पद से हटा दिया। इसके बाद छोटेपुर ने खुद पार्टी छोड़ दी।

21. गुरप्रीत घुग्गी

पद: AAP की पंजाब इकाई के कन्वीनर, कॉमेडियन-एक्टर

कारण: भगवंत मान को पंजाब इकाई का चीफ बनाने का विरोध किया। पार्टी पर पिक एंड चूज की पॉलिसी अपनाने और मूल सिद्धांतों से भटकने का आरोप लगाया। 10 मई 2017 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। अब पॉलिटिक्स छोड़ चुके।

22. जस्सी जसराज

पद: 2014 लोकसभा चुनाव में बठिंडा से AAP उम्मीदवार, पंजाबी सिंगर।

कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियों और YouTube वीडियो में AAP नेतृत्व पर BJP, अकाली दल और कांग्रेस के पूर्व सदस्यों को शामिल करने का आरोप लगाया। पार्टी ने अनुशासन भंग के आरोप में अप्रैल 2016 को 6 साल के लिए निकाल दिया।

23. एचएस फूलका

पद: लुधियाना के मुल्लांपुर दाखा से MLA; पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे, 1984 दंगों के प्रमुख वकील।

कारण: पंजाब में दिल्ली के दखल, बेअदबी मामलों में कार्रवाई न करने और 1984 दंगों पर पार्टी का समर्थन न मिलने से नाराज रहे। उन्होंने कहा कि पार्टी मूल सिद्धांतों से भटक गई। जून 2017 में LOP पद से इस्तीफा दिया। अक्टूबर 2018 में MLA पद से इस्तीफा दे दिया। 3 जनवरी 2019 को AAP से पूर्ण इस्तीफा दिया। अब BJP जॉइन कर चुके।

24. सुखपाल खैहरा

पद: भुल्लथ से MLA; पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे

कारण: पंजाब इकाई को स्वायत्तता न देने और पार्टी पर मूल विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया। जुलाई 2018 में नेता प्रतिपक्ष पद से हटाए गए। नवंबर 2018 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए सस्पेंड किया। 5 जनवरी 2019 को प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। खैहरा अब कांग्रेस में विधायक हैं।

25. कंवर संधू

पद: खरड़ से MLA रहे; पत्रकार पृष्ठभूमि।

कारण: सुखपाल खैहरा के साथ केंद्रीय नेतृत्व पर हमले किए। पार्टी ने 3 नवंबर 2018 को सस्पेंड किया।

26. बलदेव सिंह

पद: पंजाब की जैतों सीट से MLA रहे

कारण: पार्टी पर तानाशाही और दोगली नीति का आरोप लगाया। कहा कि फैसले सहमति से नहीं, तानाशाही से लिए जा रहे हैं। जनवरी 2019 में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया।

27. पिरमल सिंह

पद: बरनाला की भदौड़ सीट से एमएलए रहे

कारण: सुखपाल खैहरा के साथी। 2018 में खैहरा को नेता प्रतिपक्ष के पद से हटाने का विरोध किया। जनवरी 2019 में प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दिया। जून 2021 में विधानसभा से भी इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए।

28. नवजोत ग्रोवर

पद: अमृतसर से पार्टी नेता

कारण: पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप लगे। संगठनात्मक अनुशासन भंग करने का आरोप लगा। पार्टी की प्राथमिक सदस्य से सस्पेंड कर दिया गया।

29: बलजीत सिंह चन्नी

पद: मोगा के मेयर रहे

कारण: चन्नी पर नशा तस्करों का साथ देने का आरोप लगा। पार्टी ने 27 नवंबर 2025 को मेयर पद से हटाने के साथ पार्टी से निकाल दिया।

30: राघव चड्‌ढा

पद: राज्यसभा सदस्य

कारण: पार्टी लाइन से हटकर काम करने का आरोप। राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाया। पार्टी की तरफ से बोलने का टाइम न देने को कहा। राघव ने कहा कि ये पार्टी करप्शन खत्म करने के लिए बनी थी लेकिन यह अपना लक्ष्य भूल चुकी है।

31. अशोक मित्तल:

पद: राज्यसभा सदस्य

कारण: राघव चड्‌ढा के साथ उन्होंने भी 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ दी और भाजपा जॉइन कर ली। उन्होंने AAP में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।

32. हरभजन सिंह

पद: राज्यसभा सदस्य

कारण: राघव चड्‌ढा और अन्य के साथ मिलकर पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि हरभजन सिंह की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया।

33. राजिंदर गुप्ता

पद: राज्यसभा सदस्य, ट्राइडेंट ग्रुप के मालिक

कारण: राघव चड्‌ढा और अन्य के साथ पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि राजिंदर गुप्ता की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया।

34. संदीप पाठक

पद: राज्यसभा सदस्य, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संगठन

कारण: राघव चड्‌ढा के साथ 24 अप्रैल को पार्टी छोड़ी। उनके साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद रहे और बाद में उन्हीं के साथ भाजपा जॉइन कर ली

35. विक्रमजीत सिंह साहनी

पद: राज्यसभा सदस्य

कारण: राघव चड्‌ढा और अन्य के साथ पार्टी छोड़ने का दावा। हालांकि खुद साहनी की ओर से खुलकर इस मुद्दे पर कुछ नहीं कहा गया।

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AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा भाजपा में: कहा- 10 में से 7 सांसद साथ, अशोक मित्तल ने ED छापे के 10वें दिन भाजपा जॉइन की

आम आदमी पार्टी के 10 राज्यसभा सांसदों में से 7 सांसद भाजपा में शामिल होंगे। इसका ऐलान पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार शाम को 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। (पढ़ें पूरी खबर)



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