डेराबस्सी के त्रिवेदी कैंप क्षेत्र में एक पिकअप चालक से डेढ़ लाख रुपये से अधिक की नकदी लूटे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हालांकि, मुबारिकपुर पुलिस चौकी ने प्रारंभिक जांच के बाद शिकायत की सत्यता पर सवाल उठाए हैं। पुलिस का मानना है कि मामले में
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संगरूर के रहने वाले शिकायतकर्ता अभिषेक ने पुलिस को बताया कि 18 जून की सुबह करीब 4:00 बजे वह अपने महिंद्रा पिकअप वाहन में सामान की डिलीवरी देकर वापस लौट रहा था। उसके पास सामान की बिक्री से आए 1.54 लाख रुपये नकद थे।अभिषेक का आरोप है कि जब वह त्रिवेदी कैंप के पास पहुंचा, तो चार अज्ञात युवकों ने उसकी गाड़ी को घेर लिया और पत्थरों से हमला कर दिया।
पीड़ित के अनुसार मैंने डरकर खुद को गाड़ी के अंदर बंद कर लिया था, लेकिन हमलावरों ने कुल्हाड़ी मारकर गाड़ी का साइड का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने मुझे चाकू दिखाकर डराया-धमकाया और गाड़ी में रखी 1.54 लाख रुपये की नकदी छीनकर रफूचक्कर हो गए।”
पुलिस को थ्योरी पर संदेह, जांच जारी
घटना की सूचना मिलते ही मुबारिकपुर पुलिस चौकी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और तफ्तीश शुरू की। पुलिस इस मामले को पूरी तरह से संदिग्ध मानकर चल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, घटनास्थल, वारदात का समय, परिस्थितियां और शिकायतकर्ता द्वारा बताए गए तथ्यों में काफी विरोधाभास नजर आ रहा है। असलियत का पता लगाने के लिए पुलिस तकनीकी और भौतिक साक्ष्यों को खंगाल रही है।
पुलिस का बयान- पीडि़त के दावों पर संदेह, सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे
मुबारिकपुर चौकी इंचार्ज कुलवंत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि में लूट की शिकायत मिली है, लेकिन शुरुआती जांच में शिकायतकर्ता के दावों पर कुछ संदेह पैदा हुआ है। पुलिस हर पहलू से मामले की बारीकी से जांच कर रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पूरी वैज्ञानिक और तकनीकी जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति साफ हो पाएगी।”
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यदि शिकायत झूठी पाई गई, तो शिकायतकर्ता के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल इलाके के सीसीटीवी फुटेज इस गुत्थी को सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
