हरियाणा के यमुनानगर से कांग्रेस के पूर्व विधायक राजपाल भूखड़ी का सोमवार सुबह अचानक हार्ट अटैक से निधन हो गया। परिजनों के अनुसार, सोमवार सुबह उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई और हार्ट अटैक आने से उनका निधन हो गया। राजपाल भूखड़ी 55 वर्ष के थे और कुमारी सैलजा के करीबी थे। लंबे समय से कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय थे और वर्ष 2009 में साढौरा (आरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2019 में टिकट कटने पर वो पार्टी और सैलजा से काफी नाराज हुए थे। 2009 में पहली बार विधायक बने राजपाल भूखड़ी यमुनानगर के प्रमुख दलित नेताओं में गिने जाते हैं। उनका जन्म 19 मई 1971 को तत्कालीन अंबाला जिले (वर्तमान यमुनानगर) के गांव भूखड़ी में हुआ। राजपाल अब यमुनानगर के सेक्टर-17 में अपने परिवार सहित रहते थे। कांग्रेस की टिकट पर 2009 में विधायक बने राजपाल भूखड़ी का राजनीतिक सफर कांग्रेस पार्टी के साथ जुड़ा रहा। वर्ष 2009 में साढौरा (एससी) सीट से उम्मीदवार बने और 47,263 वोट पाकर पहली बार विधायक बने। विधानसभा में उन्होंने किसानों, सिंचाई, सड़क, बिजली, शिक्षा और क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दे उठाए। साढौरा क्षेत्र में विकास कार्यों और जनता के बीच सक्रियता के कारण उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। 2014 में BJP उम्मीदवार से चुनाव हारे वर्ष 2014 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया, लेकिन इस बार उन्हें भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बलवंत सिंह से हार का सामना करना पड़ा। साढौरा विधानसभा सीट के राजनीतिक इतिहास में राजपाल भूखड़ी का नाम कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में शामिल है जिन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की। विधायक न रहने के बाद भी राजपाल भूखड़ी कांग्रेस संगठन और क्षेत्रीय राजनीति में लगातार एक्टिव थे। वे समय-समय पर पार्टी कार्यक्रमों, जनसभाओं और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे। वर्ष 2026 में राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस विधायकों की क्रॉस वोटिंग को लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई थी और इसे पार्टी के साथ विश्वासघात बताया था।
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हरियाणा के पूर्व विधायक की मौत:55 की उम्र में हार्टअटैक आया; कुमारी सैलजा के करीबी, टिकट कटने पर नाराज हुए थे
