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देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह और सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर दिल्ली-NCR में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह और फुल-ड्रेस रिहर्सल को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली की सीमाओं पर भारी और कमर्शियल व्हीकल्स के प्रवेश को लेकर विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी और रूट डायवर्जन प्लान जारी कर दिया है। इसके तहत आज शाम 5 बजे से ही दिल्ली की सीमाओं को भारी वाहनों के लिए पूरी तरह से सील कर दिया जाएगा। दिल्ली में ट्रकों और अन्य भारी सामान ढोने वाले वाहनों के प्रवेश पर यह प्रतिबंध दो अलग-अलग चरणों में लागू किया जा रहा है। पहला चरण आज शाम 5:00 बजे से शुरू होकर अगले दिन यानी 13 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे तक जारी रहेगा। यह पाबंदी मुख्य रूप से 13 अगस्त की सुबह लाल किले पर होने वाली फुल-ड्रेस रिहर्सल को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए लगाई गई है। जबकि दूसरा चरण मुख्य स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए 14 अगस्त की शाम 5:00 बजे से पाबंदी दोबारा शुरू होगी, जो 15 अगस्त को दोपहर 1:30 बजे तक प्रभावी रहेगी। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-48 समेत गुरुग्राम से दिल्ली में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख बॉर्डरों पर ट्रकों की एंट्री पूरी तरह वर्जित रहेगी। इस संबंध में डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत ने सभी अधिकारियों की मीटिंग लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए। इन वाहनों को मिलेगी पूरी छूट
आम जनता की सहूलियत और आपातकालीन स्थितियों को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह बाहर रखा है। दूध, ताजे फल, सब्जियां, दवाइयां और एलपीजी सिलेंडर ले जाने वाले कमर्शियल वाहनों को दिल्ली में बिना किसी रोक-टोक के प्रवेश दिया जाएगा। इसके अलावा, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य आपातकालीन गाड़ियां हमेशा की तरह सामान्य रूप से आ-जा सकेंगी। एयरपोर्ट जा सकेंगे पैसेंजर हवाई यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट जाने वाले निजी और कमर्शियल पैसेंजर वाहनों को NH-48 के रास्ते दिल्ली जाने की विशेष छूट दी गई है। पुलिस ने निजी वाहन चालकों को बेहतर यातायात के लिए नए द्वारका एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल करने की भी सलाह दी है। सप्लाई चेन पर पड़ेगा असर दिल्ली के खारी बावली, सदर बाजार और आजादपुर समेत एक दर्जन थोक बाजारों से रोजाना सैकड़ों क्विंटल सामान गुरुग्राम और आसपास के इलाकों में आता है। स्वतंत्रता दिवस पर सुरक्षा के कारण जब ट्रकों के दिल्ली प्रवेश पर रोक लगती है, तो पूरी सप्लाई चेन पर इसका सीधा असर पड़ता है। रोजाना जरूरत का लगभग 70 प्रतिशत सामान दिल्ली से ही आता है। 14 और 16 अगस्त को सामान की सुचारू आपूर्ति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है। ऐसे में दो दिनों तक ट्रकों की एंट्री बंद रहने से व्यापारियों और आम जनता के सामने सामान की भारी किल्लत खड़ी हो जाती है। हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए व्यापारी और ट्रांसपोर्टर्स को ट्रैफिक पुलिस ने विकल्प सुझाए हैं। अग्रिम स्टॉक : थोक व्यापारी नो-एंट्री लागू होने से पहले भारी मात्रा में जरूरी सामान का स्टॉक मंगवाकर अपने गोदामों में रख लें। छोटे वाहनों का उपयोग: चूंकि प्रतिबंध केवल भारी कमर्शियल ट्रकों पर होता है, इसलिए सामानों को छोटे थ्री-व्हीलर, टेंपो या पिकअप वैन के जरिए दिल्ली के बाजारों से लाया जा सकता है। हालांकि इस दौरान मालभाड़ा बढ़ने से सामान की कीमतों में अस्थायी रूप से थोड़ी बढ़ोतरी जरूर देखने को मिलती है। दूसरे रूट पर कोई प्रतिबंध नहीं
डीसीपी ट्रैफिक प्रतीक गहलोत ने बताया कि यह पाबंदी केवल दिल्ली सीमा में प्रवेश करने वाले भारी वाहनों पर लागू है। गुरुग्राम से होकर पलवल, नूंह, फरीदाबाद, झज्जर, रेवाड़ी या पड़ोसी राज्य राजस्थान की ओर जाने वाले किसी भी प्रकार के वाहनों पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा। जयपुर और राजस्थान की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकने के लिए पंचगांव के पास ही कुंडली-मानेसर-पलवल एक्सप्रेसवे की तरफ डायवर्ट कर दिया जाएगा। बॉर्डर और सड़क पर खड़ा न करें ट्रक उन्होंने सभी कमर्शियल वाहन मालिकों, चालकों और ट्रांसपोर्ट यूनियनों से अपील की है कि वे इस ट्रैफिक व्यवस्था को सफल बनाने में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने ड्राइवरों को निर्देश दिए हैं कि वे नो-एंट्री के समय अपने भारी वाहनों को सड़कों पर खड़ा कर जाम लगाने के बजाय निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करें ताकि आम राहगीरों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। किसी भी प्रकार की सहायता या ट्रैफिक जाम की सूचना के लिए नागरिक पुलिस के हेल्पलाइन नंबर 112 या 1095 पर संपर्क कर सकते हैं।
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