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स्कूल टीचर पर 8वीं के छात्र को पीटने का आरोप:रेवाड़ी में परिजन बोले-डंडे से पीटा, शिकायत लेकर गए तो प्रिंसिपल के बेटे ने धमकी दी




रेवाड़ी जिले के कसौला थाना क्षेत्र में एक निजी स्कूल के 8वीं कक्षा के छात्र की कथित पिटाई का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों का आरोप है कि बुखार के कारण कुछ दिन स्कूल नहीं जाने और होमवर्क पूरा न होने पर साइंस शिक्षक ने छात्र की डंडे से पिटाई कर दी। आरोपी है कि जब पिता शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे तो शिक्षक ने आरोपों से इनकार कर दिया और प्राचार्य के बेटे ने भी कथित तौर पर उन्हें धमकी दी। पीड़ित परिवार ने कसौला थाना पुलिस को शिकायत देकर आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। बुखार के कारण नहीं गया था स्कूल गांव बनीपुर निवासी राजू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा जलालपुर स्थित पुष्पा स्कूल में 8वीं कक्षा का छात्र है। पिछले सप्ताह बुखार होने के कारण वह स्कूल नहीं जा सका। 14 जुलाई को जब वह स्वस्थ होकर स्कूल पहुंचा तो साइंस शिक्षक हिमांशु ने होमवर्क पूरा न होने की बात कहकर उसकी डंडे से पिटाई कर दी। घर लौटने पर छात्र ने पूरी घटना अपने माता-पिता को बताई। निशान दिखाने पर भी नहीं मानी गलती राजू ने बताया कि वह शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे तो पहले शिक्षक ने किसी भी छात्र की पिटाई करने से इनकार कर दिया। बाद में छात्र को बुलाने पर शिक्षक ने केवल एक डंडा मारने की बात स्वीकार की। पिता का आरोप है कि उन्होंने बच्चे के शरीर पर पड़े निशान भी दिखाए, लेकिन शिक्षक ने गलती मानने से इंकार कर दिया। शिक्षक का कहना था कि छात्र पढ़ाई में ध्यान नहीं देता और होमवर्क भी पूरा नहीं करता। इस पर पिता ने बेटे की बेहतर शैक्षणिक प्रगति का रिकॉर्ड दिखाया, लेकिन शिक्षक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। प्राचार्य के बेटे पर धमकी देने का आरोप पीड़ित पिता का आरोप है कि वह केवल शिक्षक को अपनी गलती का एहसास कराने और मामले का शांतिपूर्ण समाधान चाहते थे। लेकिन स्कूल में बातचीत के दौरान प्राचार्य के बेटे ने शिक्षक का पक्ष लेते हुए उनके साथ दुर्व्यवहार किया और कथित रूप से धमकी दी। इसके बाद उन्होंने न्याय की मांग को लेकर पुलिस का दरवाजा खटखटाया। स्कूल संचालक बोले- बातचीत से सुलझाएंगे मामला स्कूल संचालक सुरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि शिक्षक से गलती हुई है और भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, यह सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और अभिभावकों का विश्वास उनके लिए सर्वोपरि है। स्कूल प्रबंधन लगातार परिवार के संपर्क में है और बातचीत के जरिए मामले का समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि छात्र की पढ़ाई प्रभावित न हो।



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