शिमला के सरस्वती पैराडाइज स्कूल की ऑनर मनीषा मित्तल हत्याकांड का हिमाचल पुलिस ने खुलासा कर दिया है। मनीषा मित्तल की हत्या का मास्टरमाइंड उनका छोटा भाई हिमांक मित्तल ही निकला। उसे उसके पार्टनर गोविंद के साथ रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद को पुलिस शिमला लेकर आई है। जबकि, हिमांक मित्तल अभी बेड-रिडन होने के कारण रोहतक में ही पुलिस हिरासत में है। उसे भी जल्द शिमला लाया जाएगा। शिमला की ASP मेहर पंवर के मुताबिक, हिमांक ने ही अपने दोस्त गोविंद के साथ मिलकर बहन का मर्डर कराया। इसके लिए उसने गोविंद को साढ़े 8 लाख रुपए ट्रांसफर किए थे। शूटर्स को भी 70 हजार रुपए दिए गए थे। वारदात के बाद गोविंद विदेश भाग गया था, लेकिन फिर लौट आया। जांच में यह भी सामने आया है कि हिमांक ने ही अपनी बहन मनीषा की लोकेशन सीसीटीवी एक्सेस के जरिए शूटर्स को भेजी थी। दोनों शूटर्स को भी पुलिस ने रोहतक के गांव सुनारियां खुर्द और झज्जर के गांव दुजाना से गिरफ्तार किया था। आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्या की साजिश रचने वाले भाई और उसके दोस्त को गिरफ्तार किया। मास्टरमाइंड भाई, उसका दोस्त और शूटर्स के PHOTOS… हिमाचल पुलिस ने किया मनीषा हत्याकांड का खुलासा… वीडियो जारी कर मनीषा ने भाई से विवाद का खुलासा किया था… माता-पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद हिमांक व मनीषा के पिता धर्मपाल मित्तल व मां नूतन मित्तल की संदिग्ध मौत के बाद 2020 से ही दोनों भाई-बहन के बीच स्कूल को लेकर विवाद शुरू हो गया। मनीषा मित्तल ने जहां पिता के मरने के बाद खाली हुई जगह को भरने के लिए नई गवर्निंग बॉडी व नए सदस्यों के लिए अप्लाई किया, तो उनका आवेदन खारिज कर दिया। छोटे भाई पर लगाए जाली कागज रखने के आरोप मनीषा मित्तल ने शिमला में मीडिया के सामने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर गंभीर आरोप लगाए थे। मनीषा ने कहा था कि SDM की सोसायटी को लेकर जांच रिपोर्ट 2 मार्च 2022 को आई, जिसमें स्पष्ट किया कि हिमांक मित्तल ने अन्य लोगों के साथ मिलकर जाली कागजों व डुप्लीकेट प्रोसीडिंग रखी है। सोसायटी की ऑरिजन मिनट बुक को छुपाया जा रहा है। हिमांक पर लगाया था करोड़ों के गबन का आरोप मनीषा मित्तल ने अपने छोटे भाई हिमांक मित्तल पर माता-पिता के फर्जी साइन करके करोड़ों रुपए का गबन करने का आरोप लगाया था। मनीषा ने कहा था कि 2007 में जब उसकी शादी हुई तो उसके पिता धर्मपाल मित्तल ने उसे 15 अगस्त 2007 को सरस्वती पैराडाइज स्कूल का वाइस प्रेजीडेंट बनाया था। जबकि, हिमांक मित्तल कह रहा है कि वह प्रेजीडेंट हैं। 2023 में गलत तरीके से करवाए चुनाव मनीषा मित्तल ने वीडियो जारी कर कहा था कि 2023 में गलत तरीके से चुनाव करवाए गए थे। तहसीलदार ने उस समय केवल 3 लोगों को लेटर जारी कर कहा कि अपने लोगों को लेकर आ जाओ, हम चुनाव करवा देंगे। जबकि, 2005 से लेकर 2023 तक जो भी सदस्य रहे, उन सभी को लेटर जाना चाहिए था। जब इसका विरोध किया तो किसी ने नहीं सुनी और चुनाव करवा दिए। 14 दिसंबर 2025 को आया कोर्ट का फैसला मनीषा मित्तल ने अपनी वीडियो में बताया कि जब चुनाव को लेकर कोर्ट गए तो 14 दिसंबर 2025 को निर्णय आया कि चुनाव में गड़बड़ी हुई है, चुनाव गलत करवाए गए है। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को एसपी से मिलकर कहा कि वह स्कूल जा रही है। इसके बाद एसएचओ की मौजूदगी में 26 जनवरी 2026 को स्कूल में एंट्री की। हिमांक मित्तल ने झूठी रिपोर्ट देकर दर्ज करवाया था केस मनीषा ने अपनी वीडियो में कहा कि हिमांक मित्तल, गोविंद व एक महिला कर्मचारी ने झूठी रिपोर्ट देकर उसके खिलाफ केस दर्ज करवाया। जब पुलिस आई तो सारी जांच के बाद हिमांक मित्तल व उसके साथियों के खिलाफ एसडीएम को कलंदरा दिया था। इस दौरान एक चौकीदार को भी झूठ न बोलने पर नौकरी से हटा दिया। प्रिंसिपल के साथ मिलकर हिमांक ने की गुंडागर्दी मनीषा ने आरोप लगाया था कि प्रिंसिपल नीरज वर्मा के साथ मिलकर हिमांक मित्तल ने गुंडागर्दी मचा रखी थी। 23 मार्च को प्रिंसिपल हायर अथॉरिटी के पाए गए तो वहां भी उसे निराश होकर लौटना पड़ा। इसके बाद एक एप्लीकेशन नकली पेरेंट्स के साइन करवाकर दी गई कि मनीषा के कारण स्कूल डिस्टर्ब हो रहा है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ मनीषा मित्तल मर्डर केस की ये खबरें भी पढ़ें… शिमला में लेडी स्कूल संचालक केस में लव मैरिज एंगल:रेवाड़ी के डॉक्टर से शादी करने से नाराज था भाई; वीडियो में कहा था-प्रॉपर्टी हड़पना चाहता है मनीषा मर्डर केस- पुलिस पता करेगी-किसके इशारे पर मारी गोलियां:भाई बोला-हत्या से लेना-देना नहीं, मेरे भी हाथ-पैर तोड़े गए; शिमला में मारी थीं गोलियां
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