सोनीपत के मुरथल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक महिला के “दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक)” ऑपरेशन के नाम पर सर्जरी करने, छोटी आंत कटने और बाद में दोबारा ऑपरेशन के दौरान हालत बिगड़ने के आरोप लगे हैं।
परिजनों का दावा है कि इलाज के दौरान सच्चाई छुपाई गई, बार-बार पैसे जमा करवाए गए और आखिरकार महिला की मौत हो गई। अब पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत देकर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मरीज को रसौली बताकर ‘दूरबीन ऑपरेशन’ का दिया भरोसा
खेवड़ा गांव निवासी रोहित के अनुसार उसकी मां संतोष देवी को पेट दर्द की शिकायत थी। जांच में पेट में रसौली बताई गई, जिसके बाद 25 मार्च 2026 को मुरथल रोड स्थित पार्क निदान अस्पताल में दिखाया गया। डॉक्टरों ने आश्वासन दिया कि छोटा ऑपरेशन दूरबीन (लैप्रोस्कोपिक) तकनीक से किया जाएगा और मरीज जल्दी ठीक हो जाएगी। ऑपरेशन के दौरान बिगड़ी स्थिति, दूरबीन की जगह करनी पड़ी सर्जरी
26 मार्च को परिवार ने 25 हजार रुपये जमा करवाकर ऑपरेशन करवाया। आरोप है कि दूरबीन ऑपरेशन के दौरान छोटी आंत कट गई, जिससे अधिक ब्लीडिंग हुई और डॉक्टरों को मजबूरन ओपन सर्जरी करनी पड़ी। हालांकि परिजनों का कहना है कि उन्हें इस बदलाव की सही जानकारी समय पर नहीं दी गई। परिजनों से सच्चाई छुपाने और बहाने बनाने के आरोप
शाम को जब रोहित अपनी मां से मिला तो उन्होंने बताया कि पेट काटकर ऑपरेशन किया गया है, जबकि डॉक्टर दूरबीन से ऑपरेशन होने की बात कहते रहे। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने स्थिति स्पष्ट करने की बजाय बहाने बनाए और उन्हें भ्रम में रखा। बार-बार दर्द, इंजेक्शन से दबाई गई तकलीफ
27 मार्च को आईसीयू से वार्ड में शिफ्ट करने के बाद महिला को तेज दर्द होने लगा। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने दर्द की असली वजह बताने के बजाय बार-बार इंजेक्शन देकर दर्द दबाने की कोशिश की, लेकिन मरीज की हालत में सुधार नहीं हुआ। सीटी स्कैन में ‘इन्फेक्शन’ बताया, बाद में गलती स्वीकारने का आरोप
28 मार्च को पेट में सूजन आने पर सीटी स्कैन कराया गया, जिसमें हल्का इन्फेक्शन बताकर दवाइयों से ठीक होने का दावा किया गया। लेकिन 29 मार्च को डॉक्टरों ने परिजनों को बुलाकर कहा कि ऑपरेशन के दौरान छोटी आंत कट गई थी, जिससे इन्फेक्शन फैल गया है और दोबारा ऑपरेशन करना पड़ेगा। दूसरे ऑपरेशन से पहले फिर पैसे और खून की मांग
30 मार्च को दोबारा ऑपरेशन की तैयारी के दौरान परिवार से 20 हजार रुपये और जमा करवाए गए तथा 6 यूनिट खून की व्यवस्था करने को कहा गया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान उन्हें शक हुआ कि मामला गंभीर है, लेकिन डॉक्टरों ने भरोसा दिलाया कि मरीज जल्द ठीक हो जाएगी। कोरे कागज पर साइन करवाने का आरोप
परिवार का कहना है कि दूसरे ऑपरेशन से पहले उनसे कोरे कागज पर साइन करवाए गए और इसे औपचारिकता बताया गया। इसी दौरान मरीज की हालत लगातार बिगड़ती गई। 31 मार्च को महिला की मौत, अब न्याय की मांग
परिजनों के मुताबिक 31 मार्च 2026 को डॉक्टरों की कथित लापरवाही के चलते संतोष देवी की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार सदमे में रहा और अब मुरथल थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जांच शुरू की, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
मामले में एक महीने बाद शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है और परिवार को आवश्यक दस्तावेज देने के लिए समय दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सिलसिलेवार ढंग से पढ़िए ऑडियो में क्या कहा जा रहा है
डॉक्टर का रोते हुए पहला फोन
ऑडियो में डॉ. विजेता दहिया रोते हुए पीड़ित परिवार से बात करती हैं और कहती हैं कि उनके पति आपसे बातचीत करना चाहते हैं। वह यह भी कहती हैं कि आप जानना चाहते हैं कि ऑपरेशन किसने किया है।
ऑपरेशन करने वाला डॉक्टर मुकरने का आरोप
डॉ. विजेता दहिया ऑडियो में कहती हैं कि जिस डॉक्टर ने ऑपरेशन किया है, वह अब इसे मानने से इनकार कर रहा है।
डॉ. विजेता दहिया के पति बताते हैं कि अस्पताल उनकी पत्नी पर दबाव बना रहा है कि वह फाइल में लिख दें कि ऑपरेशन उन्होंने किया है, नहीं तो उन्हें नौकरी छोड़ने के लिए कहा जा रहा है।
फाइल पर साइन करने से इनकार
पति ने साफ कहा कि उनकी पत्नी ने कोई ऑपरेशन नहीं किया, इसलिए उन्होंने फाइल पर साइन करने से मना कर दिया है और जरूरत पड़ी तो इस्तीफा देने को भी तैयार हैं।
ऑडियो में यह भी कहा गया कि असली ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर को बचाने और अस्पताल का नाम खराब होने से रोकने के लिए उनकी पत्नी का नाम डाला जा रहा है।
किस डॉक्टर ने किया ऑपरेशन, किया खुलासा
पति ने बताया कि उनकी पत्नी ओपन सर्जरी करती हैं, जबकि दूरबीन से ऑपरेशन डॉक्टर गौरव मित्तल करते हैं और वही ऑपरेशन उन्होंने किया है।
भावुक अपील और जिम्मेदारी लेने की बात
आखिर में डॉ. विजेता दहिया खुद फोन लेकर कहती हैं—“भैया आपकी मदर एक्सपायर हुई है, मैं इतनी जिम्मेदारी लेती हूं कि आपके घर में रोज खाना बनाकर भेजूंगी, आपकी मां की कमी पूरी करूंगी।”
Source link
