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इन दिनों सोशल मीडिया पर सुजानपुर का एक ऐतिहासिक पुल खूब सुर्खियां बटोर रहा है। कभी गुमनामी के अंधेरे में खोया रहने वाला ‘पुल नंबर 2’ आज इंटरनेट पर इस कदर वायरल हो चुका है कि यह पर्यटकों, इंस्टाग्राम इन्फ्लुएंसर्स और रील्स बनाने वालों का नया हॉटस्पॉट बन गया है। इस ऐतिहासिक पुल की अनूठी वास्तुकला और इसके आसपास फैले मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों के वीडियो इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर तेजी से ट्रेंड कर रहे हैं, जिसे देख अब देश भर से लोग यहां खींचे चले आ रहे हैं। 12 जून को पहली वीडियो हुई पोस्ट बता दें, इस पुल की पहली वीडियो 12 जून को सोशल मीडिया पर वायरल हुई। जिसे मर्चेंट नेवी के सैकेंड ऑफिसर सुजानपुर के रहने वाले नवजोत सिंह जंजुआ ने पोस्ट किया। जिसे अब तक करोड़ों लोग देख चुके हैं और लाखों लोग इसे शेयर कर चुके हैं। वीडियो की बढ़ती लोकप्रियता के बाद जंजुआ ने इस पुल का ड्रोन शॉट भी अपने इंस्टा हैंडल पर अपलोड किया। जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। सामान्य मार्ग से ‘फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन’ तक का सफर स्थानीय निवासियों के अनुसार, यह पुल ब्रिटिश काल (अंग्रेजों के समय) में निर्मित किया गया था। दशकों तक यह केवल एक सामान्य मार्ग और जल संचरण प्रणाली का हिस्सा रहा, जहाँ इक्का-दुक्का स्थानीय लोग ही नजर आते थे। लेकिन हाल ही में कुछ सोशल मीडिया क्रिएटर्स ने इसके ड्रोन शॉट्स और सिनेमैटिक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर डाले, जिसके बाद इस ढांचे की किस्मत बदल गई। आज आलम यह है कि यहाँ सुबह से लेकर शाम तक युवाओं की टोलियां हाथ में मोबाइल और गिम्बल (Gimbal) थामे रील्स बनाने और फोटो खिंचवाने के लिए कतारों में खड़ी नजर आती हैं। पहले सन्नाटा रहता था, अब पैर रखने की जगह नहीं स्थानीय निवासी शुभम कुमार ने इस अचानक बढ़े क्रेज के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह स्थान अचानक से सोशल मीडिया पर इतना प्रसिद्ध हो जाएगा, इसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। हम खुद कुछ समय से यहाँ वीडियो और रील्स बना रहे हैं। पहले यहां अमूमन काफी सन्नाटा पसरा रहता था और बहुत कम लोग इस तरफ रुख करते थे। लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। सुबह से ही यहां गाड़ियों और युवाओं का मेला लगना शुरू हो जाता है। नहर विभाग की चेतावनी: ऐतिहासिक धरोहर पर मंडरा रहा खतरा एक तरफ जहां यह जगह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, वहीं दूसरी तरफ इसकी जर्जर हालत को लेकर प्रशासनिक अमला बेहद चिंतित है। नहर विभाग के प्रशासनिक अधिकारी (रेगुलेशन बेलदार) तारा चंद ने इस मामले पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। तारा चंद ने बताया कि यह ढांचा अंग्रेजों के समय का होने के कारण बेहद पुराना हो चुका है और देखरेख के अभाव में कई जगहों से पूरी तरह जर्जर हो चुका है। इसकी दीवारें और ऊपरी हिस्से समय के साथ कमजोर हो गए हैं। अधिकारी ने सचेत करते हुए कहा कि इतनी भारी संख्या में लोगों का यहां पहुंचना और पुल के संवेदनशील कोनों पर खड़े होकर स्टंट व वीडियो बनाना किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है। सोशल मीडिया का क्रेज बना चुनौती सुजानपुर का ‘पुल नंबर 2’ इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया रातों-रात किसी गुमनाम जगह को पहचान दिला सकता है। स्थानीय व्यापारियों के लिए तो यह रोजगार का नया जरिया बन रहा है, लेकिन जर्जर पुल की सुरक्षा एक बड़ा सवालिया निशान है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस ऐतिहासिक पुल की मरम्मत करवाई जाए और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं ताकि इस नए पर्यटन स्थल पर कोई अप्रिय घटना न घटे।
अपर बारी दोआब नहर (UBDC) से जुड़े मुख्य बिंदु पर्यटकों को क्यों लुभा रहा ये पुल पठानकोट और सुजानपुर के पास स्थित यह ऐतिहासिक ‘पुल नंबर 2’ और इसके आसपास का नजारा किसी फिल्मी दृश्य जैसा प्रतीत होता है। ड्रोन कैमरे से लिए गए इन विहंगम दृश्य को वायरल वीडियों में देखा तो वो यहां पहुंचना शुरू हो गए। वीडियो में दिखाई देते दृश्य इस प्रकार हैं। 1. नहरों का संगम और प्रकृति का अनूठा मेल वीडियो की शुरुआत में आसमान से देखने पर पानी की दो विशाल, नीली-हरी धाराएं (नहरें) एक आईलैंड के आकार के भू-भाग को दोनों तरफ से घेरती हुई नजर आती हैं। यह वह अनूठा क्षेत्र है जहां पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर की सीमाएं बेहद करीब आकर मिलती हैं। शिवालिक की पहाड़ियों की तलहटी में बसा यह इलाका चारों तरफ से घने जंगलों, शांत पानी और प्राकृतिक खूबसूरती से घिरा हुआ है। 2. ब्रिटिशकालीन इंजीनियरिंग का अजूबा जैसे ही कैमरा नीचे की ओर आता है, अंग्रेजों के जमाने का बना हुआ मजबूत ड्रेनेज सिस्टम और पुल साफ दिखाई देता है। पानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए बनाए गए लोहे और कंक्रीट के बड़े-बड़े गेट (बैराज) पानी की लहरों को चीरते हुए खड़े हैं। एक तरफ पानी बिल्कुल शांत और गहरे नीले रंग का दिखाई देता है, तो दूसरी तरफ गेट से छूटने के बाद पानी दूधिया झाग बनाता हुआ तेज रफ्तार से आगे बढ़ता है, जो देखने में बेहद आकर्षक लगता है। 3. पानी के बीच बना ‘जहाज’ जैसा खूबसूरत पार्क दोनों नहरों के बीच जो जमीन का हिस्सा है, उसके मुहाने को बेहद खूबसूरती से एक पार्क और सेल्फी प्वाइंट का रूप दिया गया है। ऊपर से देखने पर यह हिस्सा किसी पानी के तैरते हुए विशाल जहाज के अगले हिस्से की तरह दिखाई देता है। यहां साफ-सुथरे रास्ते बने हैं, हरी-भरी घास है और बीच में कुछ बेंच लगी हैं जहां बैठकर लोग बहते पानी की आवाज का आनंद ले सकते हैं। वीडियो में कुछ स्थानीय लोग और पर्यटक यहां घूमते और तस्वीरें खिंचवाते नजर आ रहे हैं। 4. एकांत, सुकून और सुधबुध खो देने वाला नजारा वीडियो जैसे-जैसे आगे बढ़ता है, एक शांत सड़क दिखाई देती है जो घने पेड़ों की छांव से होकर गुजरती है। यहाँ से एक छोटा ऑटो-रिक्शा और कुछ दोपहिया वाहन गुजरते दिख रहे हैं, जो इस जगह के शांत और ग्रामीण परिवेश को दर्शाते हैं। शहर की भागदौड़ से दूर, शांत बहता पानी, पक्षियों की चहचहाहट और चारों तरफ फैली मखमली हरियाली इस जगह को रील्स बनाने वालों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्वर्ग बनाती है। सूर्यास्त या सूर्योदय के समय यहां का नजारा और भी जादुई हो जाता है। जब सूरज की किरणें पानी पर पड़ती हैं और पूरी वादी सुनहरे रंग में नहा जाती है। यही कारण है कि सुजानपुर का यह ‘पुल नंबर 2’ इन दिनों सोशल मीडिया पर हर किसी की पहली पसंद बना हुआ है। अपरबारी दोआब कैनाल पर बना है ये पुल बता दें, ये पुल अपरबारी दोआब कैनाल पर बने 5 पुलों में से एक है। जिसे अब यूबीडीसी के नाम से जाना जाता है। इस नहर की जड़ें मुगलकाल से जुड़ी हैं।
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सुजानपुर का ‘पुल नंबर-2’ सोशल मीडिया पर वायरल:रील्स बनाने उमड़ रही भीड़; जर्जर हालत पर विभाग ने जताई चिंता







