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शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी खन्ना का दौरा किया। उन्होंने वहां किसानों से बातचीत की और फसल की गुणवत्ता का जायजा लिया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए बादल ने पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर किसानों की समस्याओं को लेकर निशाना साधा। सुखबीर बादल ने कहा कि अकाली सरकार के कार्यकाल में किसानों को मंडियों में ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा था। तब जरूरत पड़ने पर केंद्र सरकार से तुरंत संपर्क कर समस्याओं का समाधान किया जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा समय में पंजाब के किसान मंडियों में भटक रहे हैं और उनकी फसल की खरीद नहीं हो रही है। मुख्यमंत्री की लापरवाही से मंडियों में परेशानी बादल ने आरोप लगाया कि यह स्थिति मुख्यमंत्री की लापरवाही के कारण उत्पन्न हुई है। उन्होंने कहा कि एक तरफ किसान मंडियों में परेशान हैं, वहीं मुख्यमंत्री राजस्थान के जैसलमेर में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राजस्थान और हरियाणा सरकारों ने 4 अप्रैल को ही केंद्र को पत्र लिखकर राहत प्राप्त कर ली थी, जबकि पंजाब सरकार ने 9 अप्रैल को देरी से पत्र भेजा, जिसके कारण किसानों को अभी तक कोई राहत नहीं मिल पाई है। बारदाने की कमी और कमीशनखोरी का आरोप सुखबीर बादल ने मंडियों में बारदाने की भारी कमी का मुद्दा भी उठाया, जिससे किसानों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने सरकार पर कमीशनखोरी का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से घटिया गुणवत्ता का बारदाना भेजा जा रहा है। परिसीमन पर बादल की राय, सभी राज्यों को मिले बराबर प्रतिनिधित्व इसके अतिरिक्त, सुखबीर बादल ने देश में चल रही डी-लिमिटेशन (परिसीमन) प्रक्रिया पर भी अपनी राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए आरक्षण आवश्यक है और इस मुद्दे पर अकाली दल सहित सभी दल सरकार के साथ हैं। हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि सीटों का बंटवारा जनसंख्या के आधार पर नहीं होना चाहिए, बल्कि सभी राज्यों के लिए समान वृद्धि होनी चाहिए ताकि सभी को बराबर प्रतिनिधित्व मिल सके।
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सुखबीर बादल ने मान सरकार को घेरा:लुधियाना के खन्ना मंडी का किया दौरा, कहा-सीएम जैसलमेर में, किसान मंडियों में परेशान






