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नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका में सीवरेज सफाई के दौरान दो मजदूरों की मौत के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की टीम ने शुक्रवार को घटनास्थल का दौरा किया। आयोग ने मामले की जांच तेज कर दी है। आयोग द्वारा गठित टीम में निदेशक परविंदर और सीनियर एससी/इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर प्रवीण कुमार शामिल हैं। टीम ने मौके पर पहुंचकर संबंधित विभागों से जानकारी जुटाई। निदेशक परविंदर ने बताया कि जांच अभी जारी है, लेकिन प्रारंभिक स्तर पर यह सामने आया है कि हादसे के वक्त मजदूरों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे। मौके पर मशीन उपलब्ध होने के बावजूद मजदूरों को सीवर में क्यों उतारा गया, यह भी जांच का विषय है। ऐसे हादसे नहीं होने चाहिएं परविंदर ने जोर देकर कहा कि ऐसे हादसे नहीं होने चाहिएं और भविष्य में ऐसी चूक न हो, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि पुलिस और सिविल प्रशासन से सहयोग मिल रहा है और उनसे विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। पलवल और सहारनपुर के रहने वाले मृतक आयोग ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि एक्ट के तहत कार्रवाई कर पीड़ित परिवारों को मुआवजा दिया जाए। मृतकों में से एक पलवल (हरियाणा) और दूसरा सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी था। ठेकेदारी व्यवस्था की हो रही जांच रात के समय गहरे सीवर में मजदूरों को उतारने के सवाल पर परविंदर ने कहा कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य है। यदि इसमें लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ठेकेदारी व्यवस्था की भी जांच की जा रही है। आयोग एक-दो दिन में सौंपेगी रिपोर्ट प्रारंभिक दस्तावेजों में मुख्य ठेकेदार का उल्लेख है, लेकिन काम को आगे किसी अन्य को सौंपे जाने की संभावना पर भी पुलिस को जांच के निर्देश दिए गए हैं। आयोग की टीम एक-दो दिन में अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
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सीवरेज हादसे की जांच तेज, नूंह पहुंची NCST टीम:मजदूरों के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे, 2 की हुई थी मौत





