हलोपा सुप्रीमो गोपाल कांडा और गोबिंद कांडा व नगर परिषद सिरसा के चेयरमैन वीर शांति स्वरूप
सिरसा शहर के विकास को लेकर हर शहरवासी परेशान है। अब बरसाती सीजन आने वाला है और बारिश में शहर डूबने की स्थिति में होगा। इससे पहले चेयरमैन और नेताओं के भी बयान बदल गए हैं। कुछ दिनों पहले तक हर कोई विकास के दावे करते थे। अब इसके बिलकुल विपरित है और उन ब
.
एक तरफ नगर परिषद नगर चेयरमैन वीर शांति स्वरूप विकास न होने का ठिकरा पब्लिक हेल्थ पर फोड़ दिया है और कहना है कि सीवरेज व पेजयल पाइप लाइन न बिछाने पर अड़चन बन गई है। चेयरममैन अकेले सीएम नायब सिंह से जाकर मिले थे और ज्ञापन सौंपा था। दूसरी ओर हलोपो सुम्रीमो गोपाल कांडा एवं बीजेपी नेता गोबिंद कांडा अलग से सीएम को पत्राचार कर रहे हैं और शहर में अस्त-वस्त पड़े कार्यों को पूरा करने एवं पेयजल जैसी समस्याओं के समाधान के लिए टयूबवैल कनेक्शन की मांग के लिए पत्राचार कर चुके हैं।
शहर में टूटी सड़कें और पेयजल की भारी समस्या है। सड़कों व गलियों के टेंडर हो चुके हैं, लेकिन निम्न दरों पर टेंडर होने से क्वालिटी में दिक्कत आ रही है। सड़क या गली निर्माण में बेहतर सामग्री का इस्तेमाल न होने से वे जल्दी टूट जाती है। इस वजह बाजार के दुकानदार भी परेशान है, क्योंकि काफी गलियों-सड़कों की हालत खस्ता है। जो कार्य अटकें है या सही ढंग से नहीं हो रहे, इनके लिए कोई भी जिम्मेदारी नहीं ले रहा है।
रेलवे फाटक के पास सड़क उखाड़ने के बाद खस्ता हालात
अधिकारी बदले
सरकार की ओर से नगर परिषद में ईओ से लेकर नगर आयुक्त तक बदल दिया गया। अब नगर परिषद में इंजीनियर व टेक्निकल स्टाफ की भारी कमी बताई जा रही है, जिससे हर कार्य समय पर नहीं हो रहे। चाहे वह नक्शे पास का काम हो या विकास कार्यों से जुड़ा।
सीएम नायब सिंह सैनी और यूएलबी अतिरिक्त मुख्य सचिव से मिलते हुए नगर परिषद चेयरमैन वीर शांति स्वरूप और मांग पत्र सौंपते
पहले मंत्री बेदी के पास थी कमान
इससे पहले सिरसा की कमान कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी के पास थी। वे ही स्वयं दौरे के लिए सिरसा आते थे और विकास कार्यों पर चर्चा करते थे। कालांवाली निकाय चुनाव में मिली हार के बाद बदलाव हो गया। सिरसा के विकास को लेकर भी काफी कंप्लेंट थी। इस बीच सीएम नायब सैनी ने स्वयं सिरसा की कमान संभाली। हाल ही में सीएम सैनी के दो दौरे हो चुके हैं और अब तो ग्रीवांस मीटिंग भी खुद लेने की बात सामने आई है।
बस स्टैंड के पास गंदगी से बदहाली
ये हैं हालात
शहर में सड़क एवं गलियों का बुरा हाल है। हर जगह पेयजल या सीवरेज पाइप लाइन या स्ट्रांग वाटर काम चल रहा है। सालभर से ज्यादा का समय बीत गया, पर ये काम पूरे नहीं हुए। इसके लिए पूरे शहर में गलियां व सड़कें उखाड़ दी गई है। खास बात है कि जहां सीसी से बनी सड़क उखाड़ी थी, वहां काम पूरा होने के बाद इंटरलॉक ईंटें सही से नहीं लगाई गई। बरसाती सीजन में ईंटें उखड़ने का डर है। सफाई की भी बदहाली है।
शहर में कई जगह नई गलियां है, वो भी लेवल में सही से न बनाने पर लोगों में रोष का माहौल है। लोगों की मांग है कि सड़कें व गलियां दुरस्त करवाई जाए, ताकि वाहन चालकों का आवागमन सुगम हो।
