झज्जर जिले के गुलिया खाप चबूतरे पर सात गांवों की महापंचायत में समाज की एकता, संगठन और नेतृत्व को लेकर अहम निर्णय लिया गया। याकुबपूर, फतेहपुर, सौंधी, निमाणा, लाडपुर, पाहसौर और खेड़ी जट्ट गांवों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित पंचायत में सर्वसम्मति से निमाणा निवासी अनार सिंह ठेकेदार को गुलिया सतगामा का प्रधान चुना गया। पंचायत में वक्ताओं ने कहा कि पूर्व प्रधान स्वर्गीय ब्रह्मानंद के निधन के बाद प्रधान पद को लेकर विवाद और असंतोष की स्थिति बनी हुई थी। कुछ लोगों पर मनमानी और समाज के सामूहिक निर्णयों की अनदेखी करने के आरोप भी लगाए गए। इस दौरान समाज के बुजुर्गों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाईचारा बनाए रखने और आपसी मतभेद खत्म करने का आह्वान किया। लंबी चर्चा और विचार-विमर्श के बाद पंचायत ने सर्वसम्मति से अनार सिंह ठेकेदार के नाम पर मुहर लगाई। इसके बाद उन्हें चौधरी छोटूराम की प्रतिमा पर पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया। पंचायत में मौजूद लोगों ने उन्हें समाज की एकता बनाए रखने और सभी गांवों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी सौंपी। सात गांवों से पहुंचे पदाधिकारी और गणमान्य महापंचायत में खेड़ी जट्ट से सुरेंद्र प्रधान, रामबीर सरपंच, मंजीत पहलवान और देवेंद्र पंच सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। लाडपुर से पूर्व प्रधान इंदराज, पूर्व प्रधान ऋषि, कमल सिंह, राजेश पहलवान, अनिल पहलवान, देवेंद्र पहलवान और अन्य ग्रामीणों ने भाग लिया। पाहसौर से सुरेंद्र प्रधान, भगत और मदन पूर्व प्रधान, जबकि सौंधी से अशोक प्रधान, रोशन लाल, नवल सिंह और पूर्व सदस्य नरेंद्र सिंह पंचायत में शामिल हुए। निमाणा से जीतराम हवेलदार, सतबीर नंबरदार, सतपाल पहलवान, दीपक, रमेश कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। फतेहपुर से सुखबीर मैजर, सतपाल सिंह, जयप्रकाश नंबरदार और महेंद्र सिंह तथा याकुबपूर से एडवोकेट महेंद्र सिंह गुलिया, एडवोकेट सतबीर गुलिया, धर्मजीत गुलिया और दयाकिशन समेत बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पंचायत में भागीदारी की। पंचायत के अंत में समाज के हित में सामूहिक निर्णय लेने, आपसी भाईचारा मजबूत करने और सातों गांवों के बीच एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
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सात गांवों की पंचायत में अनार सिंह को सौंपी कमान:गुलिया खाप के चबूतरे पर महापंचायत; गुटबाजी और मनमानी के आरोपों के बीच हुआ फैसला
