पानीपत जिले में समालखा क्षेत्र के गांव मनाना में हिन्दवाणा चौपाल के निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने समालखा के एसडीएम अमित कुमार को शिकायत देकर जांच की मांग की थी। इसके बाद एसडीएम ने मामले की जांच बीडीपीओ समालखा को सौंप दी है। शिकायत में सरपंच पर चौपाल निर्माण के नाम पर खरीदे गए सामान के उपयोग और पंचायत निधि के खर्च को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 10 महीने पहले हिन्दवाणा चौपाल को तुड़वाकर पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन अब तक केवल पिलर ही खड़े किए गए हैं। खरीद के अनुरूप नहीं हुआ काम गांव में लगभग 2 हजार की आबादी के लिए यह चौपाल बारात और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए एक प्रमुख स्थान है। आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से पिछले 10 महीनों में आगे का काम नहीं हुआ है और भवन पर अभी तक लैंटर भी नहीं डाला गया है। शिकायत में कहा गया है कि पंचायत रिकॉर्ड के अनुसार, जुलाई और अगस्त 2025 (संभवतः 2023 या 2024) में नई ईंटों और लगभग 6130 किलोग्राम सरिया की खरीद दिखाई गई है, जिसकी कुल राशि करीब 6.98 लाख रुपए बताई गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि मौके पर न तो संबंधित निर्माण सामग्री दिखाई दे रही है और न ही खरीद के अनुरूप निर्माण कार्य हुआ है। ब्याज सहित रिकवरी करने की मांग ग्रामीणों ने पंचायत निधि के उपयोग में अनियमितता का आरोप लगाया है, जिससे ग्राम पंचायत को वित्तीय नुकसान पहुंचने की बात कही गई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से निकाली गई राशि की ब्याज सहित रिकवरी करने और दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। एसडीएम अमित कुमार ने बीडीपीओ समालखा को निष्पक्ष जांच करने के निर्देश दिए हैं।
Source link
समालखा में चौपाल निर्माण में अनियमितता के आरोप:ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकयत, बीडीपीओ को सौंपी जांच
