जींद में बुधवार को जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। बैठक में कुल 13 शिकायतें प्रस्तुत की गईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। शेष मामलों में मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता से जुड़े कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक के दौरान सफीदों निवासी अतुल ने शिकायत की कि उनकी हुडा स्थित कृषि भूमि के पास एक डंपिंग यार्ड बना दिया गया है। उन्होंने बताया कि यार्ड की गंदगी और मृत जानवर उनके खेतों में चले जाते हैं, जिससे उनकी फसल बर्बाद हो रही है। पिछली बैठक में इस संबंध में निर्देश दिए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर मंत्री ढांडा ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने नगर पालिका सचिव आशीष कुमार को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में गंदगी नहीं हटाई गई, तो उनके निलंबन का आदेश तैयार रखा जाए। एक अन्य मामले में, कलावतीन गांव के किसान दलसिंह ने पीडब्ल्यूडी विभाग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि पिछले दो साल से उनके खेत में पानी नहीं पहुंच रहा है। जब मंत्री ने पीडब्ल्यूडी, जनस्वास्थ्य और सिंचाई विभाग के एक्सईएन से इस मामले पर जवाब मांगा, तो किसी भी अधिकारी के पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। इस पर मंत्री ने सख्त लहजे में कहा, “काम हुआ है और रिकॉर्ड नहीं है? यह कैसा मजाक है? मैं तुम्हारे खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दूंगा।” उन्होंने तत्काल पाइप खुलवाकर किसान के खेत तक पानी पहुंचाने के निर्देश दिए। नगूरां निवासी महिला राजो ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया। महिला ने शिकायत की कि पड़ोसियों ने उनके साथ मारपीट की, लेकिन पुलिस ने हमलावरों के बजाय उन्हीं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। डीएसपी ने इस मामले को ‘क्रॉस केस’ बताया और कहा कि चोटें सामान्य थीं। हालांकि, मंत्री ने इस मामले में भी निष्पक्ष जांच के आदेश दिए, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके।
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सफीदों नपा सचिव को 3 दिन का अल्टीमेटम:मंत्री ढांडा बोले- कूड़ा नहीं हटाने पर होंगे सस्पेंड; कृषि भूमि के पास डंपिंग यार्ड बनाया
