नूंह जिला पुलिस ने साइबर अपराध पर नकेल कसते हुए दो ऐसे ठगों को दबोचा है जो फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और यूपीआई (UPI) के जरिए देशभर में लोगों को चूना लगा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों के तार गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्यों से भी जुड़े पाए गए हैं। कर्नाटक और गुजरात में धोखाधड़ी का केस साइबर थाना नूंह की टीम ने दिल्ली-अलवर रोड पर हीरा लाल स्कूल के पास से राकिब (निवासी अखनाका) को गिरफ्तार किया। राकिब के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। जांच में सामने आया कि राकिब फर्जी व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट और इंस्टाग्राम प्रोफाइल बनाकर लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग का झांसा देता था। उसके मोबाइल नंबरों की जांच करने पर पता चला कि उसके खिलाफ गुजरात और कर्नाटक में भी धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। वह क्यूआर कोड और यूपीआई आईडी का इस्तेमाल कर पैसे ऐंठता था। फेसबुक फॉलोवर बढ़ाने का झांसा पुन्हाना सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर राजस्थान के डीग निवासी असफाक को लहरवाड़ी-ठेक मार्ग से गिरफ्तार किया। असफाक फेसबुक पर फॉलोवर बढ़ाने और फर्जी प्रोफाइल बनाने के नाम पर लोगों को ठगता था। वह फर्जी पहचान पत्रों पर लिए गए सिम कार्ड और अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल कर साइबर फ्रॉड को अंजाम दे रहा था। सोशल मीडिया की चैट्स खंगाल रही पुलिस दोनों मामलों में पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन दोनों के मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया चैट्स खंगाल रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क और अब तक की गई ठगी की कुल राशि का पता लगाया जा सके। अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR कोड को कभी स्कैन न करें, यह आपके खाते से पैसे कटवा सकता है। सोशल मीडिया पर ‘फॉलोवर बढ़ाने’ या ‘भारी डिस्काउंट’ वाले विज्ञापनों के झांसे में न आएं। किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की सूचना तुरंत 1930 पर दें।
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नूंह में दो शातिर साइबर ठग गिरफ्तार:ऑनलाइन फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा, फर्जी प्रोफाइल बनाकर फंसाते थे, कई प्रदेशों में मामले दर्ज
